इंदौर निगम कमिश्नर द्वारा रिमूवल अमले को भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली डांगरी वर्दी पहनाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है जहां एक ओर निगम कमिश्नर वर्दी को लेकर किसी आपत्ति के सामने आने पर निर्णय लेने की बात कह रहे हैं वहीं महापौर वर्दी को लेकर निगमायुक्त के निर्णय से खुश नजर आ रहे हैं वहीं कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष इसे भारतीय सेना की वर्दी का अपमान बता रहे हैं।
इंदौर नगर पालिका निगम के निगम आयुक्त शिवम वर्मा द्वारा नगर निगम के रिमूवल अमले को भारतीय सेवा द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वर्दी पहनाई गई है जिसके पीछे उनका मानना है कि इस वर्दी से आम जनता में निगम के अधिकारियों के प्रति विश्वास पैदा होगा बल्कि रिमूवल के कार्यों को अंजाम देने में आसानी होगी, बुधवार को जैसे ही वर्दी पहने कर्मचारियों के वीडियो वायरल हुए तो सोशल मीडिया से लेकर जनता में अलग अलग तरीके की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जहा निंगमायुक्त शिवम वर्मा वर्दी के माध्यम से डिसिप्लीन की बात कह रहे हैं वहीं जनता द्वारा जताए जा रहे विरोध पर आगामी दिनों में फैसला लेने की बात कहते नजर आ रहे हैं
वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव निगमायुक्त के इस फैसले का स्वागत करते हुए कार्यों में अड़चन ना आने का हवाला दे रहे हैं और निगम अमले में कार्यों में तेजी लाने की बात कह रहे हैं।
वहीं इस मामले में नगर निगम के कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने वर्दी के इस्तेमाल को भारतीय सेवा के अपमान से जोड़कर कहा कि जहां देश की सीमा पर भारतीय जवान यह वर्दी पहनकर सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहते हैं वहीं निगम के कर्मचारी यह वर्दी पहनकर आमजन के साथ हंगामा करते ही करते नजर आएंगे ऐसे में देश की आन बान और शान भारतीय सेना का अपमान होगा उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 140 और 171 का हवाला देते हुए कहा कि आईपीसी की धाराओं में वर्दी का गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है निगम आयुक्त यदि इस फैसले को वापस नहीं लेते हैं तो इंदौर के कई पूर्व सैनिक और कांग्रेस इस मामले को लेकर प्रदर्शन करेगी
