इंदौर के चमेली देवी पब्लिक स्कूल में कार्यरत महिला कर्मचारी की मौत को लेकर परिजनों और बलाई समाज के लोगों ने स्कूल के सामने शव रख कर प्रदर्शन किया और महिला की तबियत खराब होने के बजाय घर भेजने का आरोप लगाया साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
दरअसल चमेली देवी स्कूल में कार्यरत महिला की मौत के मामले में बलाई समाज और परिजनों ने जमकर हंगामा किया और स्कूल के मैन गेट पर महिला का शव रखकर प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि 65 वर्षीय सुगन बाई पिछले 16 सालों से केसरबाग रोड स्थित चमेली देवी स्कूल में कार्यरत थीं जहां वे सफाई सहित अन्य कार्य करती थी, गुरुवार दोपहर स्कूल में काम करते समय सुगन बाई को चक्कर आए और गिरने से हल्की सी चोट आई जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने ऑटो से उन्हें घर भेज दिया जहां उनकी तबियत और ज्यादा बिगड़ गई जहां से परिजन उन्हें एम वाय अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने सही समय पर उपचार ना मिलने से मौत होने की बात कही है। इसके बाद परिजनों ने महिला का शौक अस्पताल के में गेट पर रखकर प्रदर्शन किया जहां भलाई समाज के सैकड़ो महिला पुरुष मौके पर मौजूद रहे उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई बात करना नहीं आया लिहाजा समाज जनों ने पुलिस की मौजूदगी में एक ज्ञापन बनाकर स्कूल प्रिंसिपल को सोपा जिसमें उन्होंने महिला के परिजनों को 50 लख रुपए की मुआवजा राशि देने परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी प्रदान करने तथा एक बच्चे को 12वीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा प्रदान करने का ज्ञापन सोपा समाज जनों का कहना है कि यदि यह मांगे पूरी नहीं हुई तो रोड पर चक्का जाम किया जाएगा और स्कूल का संचालन नहीं होने देंगे।
