- डीसीपी के मुताबिक आरोपित के बैंक खातों को फ्रीज करवा कर लेनदेन पर रोक लगा दी गई है।
- आरोपित के 12 बैंक खातों की जांच करेगी क्राइम ब्रांच
- आरोपित ठगी से एकत्र राशि से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।
- उसने आरएफ-3 के नाम से कंपनी बनाई और लोगों से क्रिप्टो करंसी में निवेश करवा करवाने लगा।
इंदौर । करोड़ों की धोखाधड़ी में गिरफ्तार मोटिवेशनल स्पीकर डाॅ. निरंजन प्रधान को अपराध शाखा ने रिमांड पर लिया है। आरोपित ने देशभर के सैकड़ों लोगों को ठगना स्वीकार किया। ठगी में पत्नी, बेटी और बेटे की भूमिका भी मिली है। ठगी से एकत्र राशि से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।उसकी पत्नी एक राजनीतिक दल से जुड़ी है।डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल के मुताबिक समर्थ पार्क कालोनी उमरिया (महू) निवासी डाॅ. निरंजन प्रधान को कोटा से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ सातवाड़ा हुगली, बंगाल निवासी लक्ष्मी शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। निरंजन सेना से सेवानिवृत्त हुआ है। इसके बाद उसने आरएफ-3 के नाम से कंपनी बनाई और लोगों से क्रिप्टो करंसी में निवेश करवा करवाने लगा।
निरंजन ने खुद को सीईओ, पत्नी रीता को डायरेक्टर, बेटे कुलदीप प्रधान को और बेटी प्रज्ञा प्रधान को कंपनी का पदाधिकारी बताया। उसने बताया कि आरएफ-3 की तरफ से सीएसटी के नाम से करंसी आने वाली है। प्री बुकिंग पर सस्ते दामों पर क्रिप्टो बेचना बताया। बड़े रिसोर्ट में सेमिनार आयोजित किया और क्रिप्टो में निवेश करने की स्कीम बताई। रातोंरात लखपति बनने की चाह में लोगों ने करोड़ों रुपये निवेश कर दिए।
आरोपित ने साफ्टवेयर से ऐसा इंडेक्स तैयार किया जिसमें निवेशक को अपना वालेट दिखाई देता था। इसमें निवेश की राशि और मुनाफा भी स्पष्ट नजर आता था। वालेट इंजीनियर से फर्जी तरीके से तैयार करवाया गया था।
डीसीपी के मुताबिक आरोपित के बैंक खातों को फ्रीज करवा कर लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस को निरंजन के मोबाइल में बड़े नेताओं के फोटो मिले हैं। उसने दावा किया कि लोकसभा का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने पकड़ा, तब वह टिकट की चाह में दिल्ली गया था।
