इंदौर में पुलिस का डायल 100 वाहन चलाने वाले तीन ड्रावइरों ने दो छात्रों को गांजा बेचने का झूठा आरोप लगाकर धमाकाया और रुपये वसूले। तीनों ही गाड़ी के अंदर सादी ड्रेस में बैठे हुए थे और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहे थे। इन्होंने छात्रों से 5890 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए थे।
क्रिकेट खेलकर घर जा रहे थे छात्र।
तीनों ने इन्हें रास्ते में रोक धमकाया।
इसके बाद ऑनलाइन पैसे वसूले।
इंदौर। इंदौर में तिलकनगर पुलिस ने अवैध वसूली के आरोप में एफआरवी (डायल-100) के तीनों चालकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने क्रिकेट खेलकर लौट रहे दो छात्रों को गांजा तस्करी में फंसाने की धमकी देकर रुपये वसूले थे। एक चालक तो खुद को अपराध शाखा का डीएसपी बता रहा था। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक घटना स्कीम-140 क्षेत्र की है। मूसाखेड़ी विनय सिसौदिया और यश लोधी द्वारा शिकायत दर्ज करवाई थी। छात्रों ने बयानों में बताया कि दोनों क्रिकेट खेलकर घर जा रहे थे।
खुद को अपराध शाखा का पुलिस अधिकारी बताया
बाइक में पेट्रोल खत्म होने पर बाइक को धक्का देकर ले जा रहे थे। तभी तिलकनगर थाना की एफआरवी गाड़ी आकर रुकी। गाड़ी में तीन लोग सादे वस्त्रों में बैठे हुए थे। खुद को अपराध शाखा के पुलिसकर्मी और अधिकारी बताया और पूछताछ शुरू कर दी।
आरोपितों ने छात्रों को गाड़ी में बैठाकर धमकाया और कहा कि गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर लेंगे। एक आरोपित ने खुद को अपराध शाखा का डीएसपी और दो ने पुलिसकर्मी बताया। आरोपितों ने छात्रों से दो कैश और पांच हजार 890 ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।
पीड़ितों के बयान लेकर दर्ज कराया केस
मंगलवार को अफसरों ने पीड़ितों के कथन लेकर आरोपित दिनेश प्रजापति, सुयश लाट और प्रशांत अहिर के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया। टीआई अजय नायर के मुताबिक दिनेश और सुयश तिलकनगर थाना की एफआरवी चलाते हैं।
वीआईपी आगमन के कारण एफआरवी पर पदस्थ पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे। आरोपित बगैर बताए गाड़ी ले गए और छात्रों को लूट लिया। आरोपित प्रशांत भी चालक है। वह डीएसपी बनकर धमकाने में शामिल था।
