इंदौर के करीब महू में छह दिन में बाघ ने आठ जानवरों को बनाया शिकार

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के करीब महू में एक बार फिर बाघ का आतंक दिख रहा है। पिछले कुछ दिनों में वो लगातार जानवरों को निशाना बना रहा है। वन विभाग ने यहां आस-पास के गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा है। उधर ग्रामीणों ने रात में घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया है।
जंगल से सटे गांवों में कराई जा रही मुनादी।
पिछले 15 दिनों से यहां घूम रहा है बाघ।
मलेंडी में पहले बाघ ले चुका है बुजुर्ग की जान।
इंदौर वनमंडल में आने वाले महू वनक्षेत्र में एक बार फिर टाइगर का मूवमेंट बढ़ गया है। बीते छह दिनों में आठ जानवरों को उसने अपना शिकार बनाया है। हलचल बढ़ने से ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने रात में बाहर निकलना बंद कर दिया है। वहीं वन विभाग ने भी ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। जंगल से सटे गांवों में तीन दिन से मुनादी भी करवाई जा रही है, जिसमें वनकर्मी शाम छह बजे बाद ग्रामीणों को घर से बाहर नहीं निकलने का कह रहे हैं। बड़वाह वनक्षेत्र से बाहर निकलकर आए बाघ की हलचल महू-मानपुर में महीनेभर से देखी जा रही है। पिछले 15 दिनों से बाघ ने महू जंगल को अपना नया ठिकाना बना रखा है।
मलेंडी से लेकर आशापुरा तक बाघ होने के प्रमाण मिले
मलेंडी से लेकर आशापुरा और गुंजारा वनक्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से जुड़े प्रमाण मिले हैं। आठ दिन में भैंस, जंगली सूअर, गाय, बैल, बकरियों को बाघ ने शिकार बनाया है। मारे गए मवेशियों की स्थिति देखने के बाद अधिकारी भी बाघ की पुष्टि करने में लगे हैं। आसपास पगमार्क भी मिले हैं। एक-दो स्थानों पर विष्ठा भी मिली है। जबकि पेड़ों पर नाखूनों के निशान भी दिखे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जानवरों पर रात में हमला कर बाघ ने शिकार किया।
ग्रामीणों को अकेले बाहर निकलने के लिए मना किया
बाघ को लेकर नजर रख रहे हैं। अभी तक ट्रैप कैमरे में कैद नहीं हुआ है। मुनादी करवाई है और ग्रामीणों को अकेले घर से बाहर निकलने के लिए मना किया है। – कैलाश जोशी, एसडीओ
महू के पास मलेंडी में बाघ बना चुका है बुजुर्ग को शिकार
पहले भी महू के करीब मलेंडी में एक बाघ ने मवेशी चराने जंगल में गए बुजुर्ग को शिकार बना लिया था। इस इलाके में पहले तेंदुएं भी देखे गए हैं। बाघों को लेकर पहले भी यहां दहशत का माहौल रहा है। एक बार फिर इसके पशुओं को निशाना बनाने के बाद से ग्रामीण डरे हुए हैं। इधर वन विभाग ने भी इन घटनाओं के बाद बाघ को रहवासी इलाके से दूर रखने की कवायद शुरू कर दी है। महू के करीब वन क्षेत्र में लगातार जंगली जानवरों को देखे जाने की बात सामने आती है।

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