हुकुमचंद मिल के मजदूर अभी भी राशि की आस में हुकुमचंद मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष ने दी जानकारी

By Abhishek Raghuvanshi
1 Min Read

करीब 32 वर्ष संघर्ष करने के बाद इंदौर के हुकुमचंद मिल के मुआवजे वितरण में 1400 दिवंगत मजदूरों की पत्नियां अभी भी मुआवजे की आस में खाली हाथ बैठी है। वहीं कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनके पिता या अन्य रिश्तेदार मिल में काम करते थे, जिन्हें बकाया राशि मिलने की आस बनी हुई है। दरअसल, मध्य प्रदेश में डॉ मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने हुकुमचंद मिल मजदूर के मुआवजा राशि दिलाने का कार्य सबसे पहले किया, किंतु अब कुछ अंदरूनी प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के नाम पर करीब 1400 से अधिक महिलाएं और 1 हजार के लगभग अन्य लोगों की राशि रुक गई है। हुकुमचंद मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष नरेंद्र श्री वंश और मिल मजदूर संघ के प्रधानमंत्री हरनाम सिंह धारीवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश और मुख्यमंत्री के द्वारा की गई घोषणा के बावजूद मिल के अमृत मजदूरों की पटिया मुआवजे के लिए परेशान हो रही है। उन्होंने कहा कि यह राशि करोड़ों में है वहीं आगामी 23 जुलाई को इस मामले में तारीख लगी है।

Exit mobile version