हनुमान मंदिर ट्रस्ट के नाम पर गबन श्रद्धालुओं से की चंदा वसूली,मंदिर निर्माण और दानपेटी के रुपए का हिसाब ही नहीं

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के एरोड्रम में मंदिर के निर्माण और देखरेख के लिये बनाए गए ट्रस्ट में फर्जीवाड़े और गबन के आरोप लगे है। मंदिर के ट्रस्टी ने ही अन्य पदाधिकारियों को लेकर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामले में जांच के बाद केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले में तीन पदाधिकारियों को आरोपी बनाया है। एरोड्रम पुलिस ने गोंविद अवस्थती निवासी कालानी नगर,बबलू भदौरिया और सुमित अवस्थी के साथ एक शिकायत पत्र दिया था। जिसमें जांच के बाद महेश अग्निहोत्री,विजय सिंह परिहार और प्रवीण तिवारी पर गबन और फर्जीवाड़े की धाराआें में केस दर्ज किया गया है। पत्र में बताया कि गया कि श्री सिद्व हनुमान मंदिर हुजुरगंज का फर्जी ट्रस्ट तैयार कर धोखाधड़ी की गई है। गोविंद अवस्थी ने शिकायत में बताया कि वह समाज सेवा का काम करते है। हुुजुरगंज कालानी नगर में मंदिर के निर्माण रहवासियों और आसपास की कालोनियों के जनसहयोग किया गया। इस मंदिर की देखरेख और धार्मिक प्रोग्राम के आयेजन के लिये महेश,विजय ओर प्रवीण ने ट्रस्ट बनाया। जिसमें शिकायतकर्ता गोविंद के साथ अन्य लोगो का चयन किया गया। जिसमें सभी सदस्यो से 11 सौ रूपए और आम रहवासियों से भी ट्रस्ट का निर्माण कराने व मंदिर प्रबधंन करने का आश्वासन देकर आम रहवासियों से चंदा वसूली की गई। जिसमें महेश अग्निहोत्री ने रसीदें दी। इन लोगो द्वारा एक लेटरपेड छपवाया गया। जिस पर ट्रस्ट का पंजीयन नंबर डाला गया। सभी को बताया गया कि यह ट्रस्ट रजिस्टर्ड हो चुका है और एसडीएम आफिस में उसका नंबर डला है। जिसमें फर्जी लेटरपेड का उपयोग कर रहवासियों से चंदा वसूली की गई। इन रूपए का विकास काम और मंदिर के निर्माण में उपयोग नही होते हुए गबन किया गया। गोंविद अवस्थी ने जब इस मामले में आपति ली तो उन्हें धमकी दी गई। गोविंद ने आरोप लगाया कि तीनों ने ट्रस्ट के एक्ट के तह्त गठन नही किया। वही इसे कलेक्टर और एसडीएम आफिस में भी रजिस्टर्ड नही कराया इसकी कोई अनुमति नही ली गई। आम जनता को गुमराह करते हुए चंदा वसूली होती रही। इसकी आरटीआई लगाकर मल्हारगंज एसडीएम से जानकारी निकाली गई। वह किसी ओर सरकारी कार्यालय में भी रजिस्टर्ड नही हुआ। गोविंद ने आरोप लगाया कि महेश निजी कार्यो में ट्रस्ट का उपयोग कर रहे है। चंदे का कोई हिसाब किताब नही दिया गया। मंदिर के बाहर चंदे का बोर्ड लगाकर ट्रस्ट का बोर्ड लगाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है।

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