इंदौर शहर के हीरानगर थाना क्षेत्र के रेडीमेड कांप्लेक्स में पिछले दिनों एक चोरी की वारदात हुई थी। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपीयों को गिरफ्तार किया है वही उनके पास से नगदी सहित चोरी किया गया अन्य माल भी बरामद किया है। आरोपियों ने चोरी किए गए माल को आपस में बाटकर अपनी फरारी पुणे मुंबई गोवा मे काटी।
झोन 3 के एडीसीपी रामस्नेही मिश्रा के अनुसार रेडीमेड कांप्लेक्स के बीजीडी गारमेंट्स के संचालक सुंदर दास डेमला ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। फरयादी ने शिकायत मे बताया है कि उनकी दुकान का देर रात कुछ बदमाशों ने शटल उचका कर वहां चोरी की है। चोरी की वारदात में बदमाशों ने दुकान में से 6 लाख रुपए से अधिक नगदी एवं दुकान में पैकिंग किए हुए कपड़े चुरा कर ले गए है। सूचना मिलते ही पुलिस ने अपनी जांच शुरू की एवं क्षेत्र में लगे तमाम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बदमाश इंदौर के बाहर महाराष्ट्र में पुणे एवं मुंबई तरफ फरारी काट रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बदमाशों को महाराष्ट्र और गोवा राज्य की बॉर्डर से गिरफ्तार किया है।पुलिस पूछताछ में सामने आया है की पकड़े गए बदमाशों में से एक बदमाश आदित्य उर्फ़ आदि ठाकुर 19 वर्ष निवासी 118 छोटी खजरानी एलआईजी पहले बिज़ीड़ी गारमेंट्स पर काम करता था। नौकरी से निकाले जाने पर वह मालिक के खिलाफ रंजिश रखने लगा था। इसी का बदला लेने के लिए आदित्य ने अपने अन्य चार साथियों की मदद से गारमेंट्स की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने सभी आरोपियों से चार लाख 2000 नगदी सहित चोरी किए गए कपड़ों एवं दो मोटरसाइकिल को बरामद किया है। पकड़े गए अन्य आरोपियों का नाम अमित उर्फ अम्मू पिता कल्लू अहिरवार उम्र 18 साल निवासी भागीरथपुरा,तीसरा आकाश पिता कमल गहलोत निवासी मेघदूत नगर,चौथा रावसाब उर्फ मनीष पिता आजाद हिंद सिंह उम्र 18 साल निवासी दीपेश स्कूल के पास भागीरथपुरा और पांचवा यशविता विजय रावत उम्र 18 साल निवासी 81/9 नेहरू नगर बताया गया है। यह सभी साथी आदित्य का बदला लेने एवं अपनी छोटी-मोटी जरूरत को पूरा करने के लिए चोरी की वारदात में शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार मनीष उर्फ राव साहब अपने दुर के रिश्ते के भाई की हत्या के आरोप मे जमानत कराने मे लगने वाले रुपयों की जरूरत को पूरा करने के लिए इस वारदात में शामिल हुआ था। आपको बता दे कि कुछ महीनों पहले रणजीत हनुमान की प्रभात फेरी मे जिस युवक की हत्या हुई थी उसमें मनीष का भाई भी आरोपी है। उसी की जमानत के लिए मनीष ने इस वारदात को अंजाम दिया।
