छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत आने वाली तहसील चांद के ग्राम खेरघाट में अजीबो गरीब मामला निकलकर सामने आया यह कि सुमरू गौड़ द्वारा दिनाँक 30-07-2024 को रामदयाल रघुवंशी के विरूद्ध आरोप लगाते हुये कि सरोज बाई को रामदयाल रघुवंशी द्वारा 2 वर्ष से बंधक बनाकर रखा गया है जो कि सुमरू गौड़ कि पत्नि है जबकि रामदयाल रघुवंशी द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया है सिर्फ राजनितिक दुरभावना के कारण रामदयाल रघुवंशी के खिलाफ समाज में रामदयाल रघुवंशी को बदनाम करने के उद्देश्य से रामदयाल रघुवंशी की झूठी शिकायत एवं अखबार में झूठा प्रकाशन भी करवाया गया है यह की सुमरू गौड़ की पत्नी ग्राम खेरघाट में ही अलग मकान बनाकर अपने भतीजे के साथ निवास कर रही है उक्त महिला सरोज बाई पति सुमरू गौड़ के द्वारा पत्नी के परित्याग करने के बाद से लगभग 20 से 25 वर्ष से अलग रह रही है तथा उसकी पंचायत द्वारा पति द्वारा परित्याग करने पर पंचायत से पेंशन दिया जाता है जिस बात की गवाही उक्त महिला की 20 25 वर्ष से अलग रह रही है ग्राम से सचिव सरपंच एवं ग्रामवासी जानते हैं उक्त बात की जानकारी भी ग्राम पंचायत द्वारा दे दी गई है यह की सुमरू गौड़ की पत्नी से रामदयाल रघुवंशी का कोई लेनदेन नहीं है और ना ही सुमरू गौड़ की पत्नी रामदयाल रघुवंशी के यहां कोई कार्य करती है वह ग्राम में वहां काम करती है जहां उसे कम प्राप्त होता है वहां वह मजदूरी करती है यह की सुमरू गौड़ द्वारा झूठी शिकायत कर अखबार के माध्यम से प्रकाशन किया गया है जो की बिल्कुल गलत है इस विषय को लेकर जब हमारे संवाददाता ललित रघुवंशी ने उक्त महिला सरोज बाई से बात की उनका क्या कहना था?
