देश में इंदौर एक ऐसा शहर है जहां पर भिक्षुओं का पुनर्वास के लिए पायलेट प्रोजेक्ट का आयोजन किया जा रहा है जिसके तहत इंदौर में भिक्षावृत्तिक करने वाले जितने भी लोग हैं उनकी पहचान करके उन्हें मुख्य धारा में लाकर भीख मांगने से बचाया जाए इसी मुद्दे को लेकर आज भारत सरकार का एक दल इंदौर आया था जहां पर आईसीटीसीएल सभागृह के अंदर एक बैठक का आयोजन किया गया और भिक्षु पुनर्वास से जुड़े हुए जितनी भी संस्थाएं हैं उन संस्थाओं से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी मांगी सुझाव मांगे गए और किस तरह से भिक्षुवृत्ति को रोकने और रोकने के बाद उनका कैसा पुनर्वास किया जाए ताकि वह फिर से भिक्षावर्ती के क्षेत्र में नहीं जा सके इसकी भी समुचित व्यवस्था इस योजना के अंदर की गई है इंदौर में 3200 से अधिक भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों को आइडेंटिटी किया गया है और इनका पुनर्वास सही तरीके से हो इसके लिए सभी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं और आज इसी को लेकर एक बैठक का आयोजन इंदौर में किया गया
