पालदा में जमीन पर कब्जे को लेकर पथराव, 5 कारें, 4 दोपहिया वाहन फोड़े

By Abhishek Raghuvanshi
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रहवासी बोले 50 साल से पट्टे लेकर रह रहे, निगम ने हमारे घर तोड़ दिए
नेमावर रोड पर जमीन के कब्जे को लेकर दाल मिल कारोबारी और क्षेत्र के लोगों में बड़ा विवाद हो गया। कारोबारी जमीन को अपनी बताकर बाउंड्रीवॉल का निर्माण करने बाउंसर, कर्मचारी व निगमकर्मियों को लेकर पहुंचे थे। तभी यहां पट्टे की जमीन पर रह रहे लोगों ने कब्जा न देने की बात पर उन्हें रोका तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। महिलाओं ने पेट्रोल की बोतलें दिखाकर आत्मदाह करने की धमकी दी। इसके बाद वे चक्काजाम कर बैठ गईं।
घटना सोमवार को दिन में 11.30 बजे उद्योग नगर पालदा में हुई। आजाद नगर पुलिस को दाल मिल कारोबारी धीरज राठौर (50) ने बताया कि वे पार्टनर नीतिश पटेल, अतेंद्र तिवारी, श्वेतांग तिवारी, निधीश पांडे, संजय रामचंदानी, राहुल जामोदिया, दिलीप मोदी के साथ नेमावर रोड पर स्थित जगदीश दाल मिल की 21,850 स्क्वेयर फीट की जमीन पर बाउंड्रीवॉल बनाने पहुंचे थे। उक्त जमीन मिल मालिक द्वारकादास गुप्ता से रजिस्ट्री के साथ खरीदी है। इस पर यहीं रहने वाले बालाराम तिवारी और हीरालाल राजौरिया के परिवार ने कब्जा कर लिया था। इसी बात पर बालाराम तिवारी व हीरालाल के परिवार वालों ने हमसे विवाद कर हम पर पथराव कर दिया। हमारी चार कारें व दोपहिया वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी बालाराम, हीरालाल, गगन गहलोत, उर्मिला तिवारी और साधना राजौरिया पर गालीगलौज, मारपीट व पथराव का केस दर्ज किया है।
पेट्रोल की बोतलें लेकर बैठी महिलाएं : विवाद के दौरान महिलाएं पेट्रोल की बोतलें लेकर चक्काजाम करने बैठ गईं। बोलीं कि हमारी नहीं सुनी गई तो हम आत्मदाह करेंगे। महिलाओं के साथ क्षेत्र के कई पट्‌टेधारक भी एकजुट होकर विरोध में सड़कों पर उतर आए।
प्रशासन के आदेश पर हटाया था कब्जा
प्लॉट मालिक धीरज राठौर भी पथराव में घायल हुए। उन्होंने कहा कि 1 माह पूर्व कलेक्टर के आदेश पर नगर निगम ने उक्त जमीन से अतिक्रमण हटाया था। मलबा हटाकर हम बाउंड्री वॉल बनाने आए तो यहां पट्टे की जमीन बताकर 100 से ज्यादा रहवासियों ने हम पर हमला बोल दिया। हमारी 5 कारें और 4 दोपहिया वाहन फोड़ दिए। हमें जान बचाकर भागना पड़ा।
बोली हम जान दे देंगे हटेंगे नहीं : इधर, उर्मिला तिवारी, ज्योति तिवारी का कहना है कि हम और हमारे परिवार के लोग 50 साल से इस जमीन पर रह रहे हैं। हमें पट्टे की जमीन मिली थी। हमारे मकान प्रशासन ने मिल मालिक के साथ मिलकर तोड़ दिए। हम जान दे देंगे, लेकिन हटेंगे नहीं। युवतियों का आरोप है कि बिना नोटिस के हमारे मकान तोड़ दिए। हमारी पढ़ाई व किताबें भी मलबे में दब गई। 1 माह से हम बेघर हैं और पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे।
भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा :
पथराव के कारण नेमावर रोड का एक हिस्सा डायवर्ट करना पड़ा। मामले में देर रात एक केस फैक्ट्री मालिक की रिपोर्ट पर दर्ज किया, वहीं पीड़ितों की ओर से मिल मालिक व बाउंसरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

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