- पर्दाफाश: क्राइम ब्रांच छापा मारकर कार तो ले आई लेकिन आरोपितों को नहीं पकड़ सकी।
- भारत-पाक सीमा पर सक्रिय अपराधियों का एक गिरोह लग्जरी कारें चुरा रहा है।
- इन गाड़ियों का उपयोग मादक पदार्थों, शराब और हथियारों की सप्लाई में होता है।
- चोरों के इलाकों में बगैर हथियार और बल के जाने की मनाही है। पुलिस पर गोलियां चला देते हैं।
इंदौर। भारत-पाक सीमा पर सक्रिय अपराधियों का एक गिरोह लग्जरी कारें चुरा रहा है। इन गाड़ियों का उपयोग मादक पदार्थों, शराब और हथियारों की सप्लाई में होता है। चोरों के इलाकों में बगैर हथियार और बल के जाने की मनाही है। पुलिस पर गोलियां चला देते हैं।
यह जानकारी क्राइम ब्रांच की जांच में पता चली है। जूनी इंदौर थाना अंतर्गत आने वाले सर्वोदय नगर से मोबाइल व्यापारी दिनेश परवाल की लग्जरी कार (फार्च्यूनर) चोरी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर क्राइम ब्रांच का एक दल गुजरात पहुंचा तो पता चला गाड़ी जालौर (राजस्थान) के बदमाश ले गए हैं।
मुखबिर ने यह भी बताया दिनेश की कार पुनासा चरणी की ढाणी में खड़ी हुई। पुलिस वहां पहुंची तो अफसरों ने कहा कि इस इलाके में इक्के-दुक्के पुलिसकर्मियों के जाने की मनाही है। बदमाश पुलिस पर भी हमला कर देते हैं। एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक, प्रोबेशनर आइपीएस ने करीब 25 जवानों के साथ तड़के 5 बजे छापा मारा तो कार खेत में खड़ी मिली।
अफसरों ने बताया कार पप्पू रूपाराम विश्नोई का गिरोह लाया है। उन्होंने सिर्फ कार ले जाने की इजाजत दी और कहा कि उजाला होते ही बदमाश पुलिस पर हावी हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह गांव पाक सीमा से मात्र 20 किमी दूर है। गांव के युवा देशभर में अपराध करते हैं। चोरी की गाड़ियों से हरियाणा तक डोडा चूरा, स्मैक की सप्लाई की जाती है। लौटने में कार की सीट निकालकर बदमाश हरियाणा से अवैध शराब लेकर आते हैं। चोर गाड़ी का ट्रैकर डिवाइस भी निकाल देते हैं।
डिवाइस से हैक की और डुप्लीकेट चाबी बनाई
पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट से जानकारी ली तो बताया हाईटैक कारों को सिस्टम हैक कर चुराया जा रहा है। विशेषकर स्मार्ट चाबी से लाक-अनल़ाक होने वाली गाड़ियां आसानी से हैक कर ली जाती है। रोलजेम डिवाइस से असली चाबी की फ्रिक्वेंसी हैक कर काउंटर नंबर चुरा कर हूबहू चाबी तैयार हो जाती है। चोरों के लिए यह डिवाइस डार्क वेब पर उपलब्ध हो जाता है।
