इंदौर नगर निगम की वर्कशॉप में लगातार शहर की जरूरत के अनुसार नवाचार होते रहते हैं। वर्कशॉप के प्रभारी मनीष पांडे और उनकी टीम इसके लिए वाहनों में आवश्यक बदलाव करते हुए देसी जुगाड़ से मशीनें बनाते है। मानव रहीत गणेश विर्सजन मशीन, सीएम डॉ मोहन यादव के पिता की अंतिम यात्रा के लिए शव वाहन, डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन के लिए इलेक्ट्रीक वाहन, टोइंग वैन सहित कई वाहन जिनका निर्माण नगर निगम की वर्कशॉप में हुआ है। ताजा मामला प्रदूषण कम करने वाली स्मॉग गन मशीन के निर्माण का है। जिसको जेट प्रेशर मशीन की सहायता से शहर में प्रदूषण कम करने के लिए बनाया गया है।
इंदौर शहर में दीपावली पर्व पर पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नगर निगम ने धनतेरस पर स्मॉग गन बनाने की तैयारी कर ली थी। वर्कशॉप प्रभारी इंजीनियर मनीष पांडे ने बताया कि निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा के निर्देश पर प्रदूषण कम करने के लिए स्मॉग गन का निर्माण किया गया है। जिसमें जेट मशीन के नोजल को बदला गया और इसे गाड़ी के गेर से कनेक्ट किया गया, इस गेर को लगाते ही मशीन एक्शन मोड में आ जाती है। निगम वर्कशॉप में बनी इस मशीन से एक स्थान से 100 फीट दूरी तक पानी का छिड़काव किया जा सकता है, वहीं रनिंग मोड में इसकी क्षमता 60 फीट दूर तक पानी का छिड़काव करने की होती।
स्मॉग गन बनाने में 5 हजार रूपए खर्च आया,
5 जेट प्रेशर वाहन निगम के पास पहले से ही हैं।
दीपावली पर होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने स्मोग गन मशीनें किराए से लेने और खरीदने के लिए कहा था। लेकिन इंदौर में ऐसी मशीन किराए पर उपलब्ध नहीं हैं साथ ही टेंडर प्रक्रिया में बहुत समय लगता ऐसी स्थिति में वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे ने जुगाड़ लगाई और स्मोग गन मशीन की तरह ही यह मशीन बना दी।
दीपावली की रात पहली बार इंदौर में इसका उपयोग हुआ, इस दिन इंदौर शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 368 पर पहुंच गया था, जिसको देखते हुए दीपावली की रात रीगल तिराहा, बीआरटीएस, राजबाड़ा, मालवा मिल, विजयनगर सहित शहर के कई क्षेत्रों में स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया गया।
निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा ने बताया कि दीपावली पर होने वाले वायु प्रदूषण से शहरवासियों के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचे इसके लिए हमने स्मॉग गन से शहर में पानी का छिड़काव करवाया, निगम वर्कशॉप के इंजीनियर और कर्मचारियों की रचनात्मकता से यहा मशीन बन सकी है। शहर में प्रतिदिन शाम को इसको चलाया जा रहा है जिसके परिणाम पॉजिटीव है। स्मॉग गन का उपयोग पेड़ों पर जमी धूल को साफ करने और हाई ट्रेफिक वाल्यूम वाले क्षेत्रों में किया जा रहा है।
