देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अब भिक्षा मुक्त शहर बनने की ओर बढ़ रहा है,दरअसल पिछले दिनों जिला प्रशासन द्वारा शहर में भिक्षावृत्ति को समाप्त करने का एक अभियान शुरू किया गया था जिसमें कलेक्टर आशीष सिंह ने 15 दिनों में शहर से छोटे बच्चों को भिक्षा वृत्ति छोड़ एजुकेशन से जोड़ने का टारगेट रखा है जहां आज 5 दिन बीत चुके हैं वही कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि अगले 10 दिनों में छोटे चौराहे पर या मंदिर पर भिक्षा मांगते हुए नहीं आएंगे नजर ।
वीओ-दरअसल इंदौर जिला प्रशासन ने 15 दिनों का टारगेट रखा था कि आगामी 15 दिनों के अंदर शहर में जितने भी भिक्षुक बच्चे है उनका रेस्क्यू कर उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाएगा कलेक्टर ने कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन ने 7 टीमें बनाई गई है जो शहर के सभी प्रमुख चोरहो पर जाकर छोटे बच्चे जो भिक्षा मांगते है उनका रेस्क्यू कर उन्हें एजुकेशन से जोड़ा जा रहा है,,कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि फिलहाल बनाई गई टीमों के द्वारा अच्छा काम किया जा रहा है और कई भिक्षुक बच्चों का रेस्क्यू भी किया गया है हालांकि शुरुआत में कुछ समस्या जरूर आ रही है लेकिन हमारा फोकस है कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए और उनके पालकों की काउंसलिंग की जाए ताकि बच्चों को हम भिक्षावती से मुक्त कर एजुकेशन से जोड़ पाए,कलेक्टर ने कहा कि हमारा टारगेट 15 दिनों का था जिसमे 5 दिन बीत गए है, कलेक्टर ने कहा कि आगम में 10 दिनों में हमारा टारगेट रहेगा कि शहर के किसी भी मंदिर या चौराहा पर छोटे बच्चे भिक्षा मांगते हुए नजर नहीं आये।
