शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कई तरह की है। चौराहों पर व्यस्त समय में जाम लगता है। पुराने बाजारों में त्योहार पर जाम की स्थिति गंभीर होती है। दिन विशेष पर कुछ धार्मिक स्थलों के आसपास भी वाहनों के अतिक्रमण के कारण जाम लगता है। सुबह-शाम को नाश्ते की दुकान के बाहर जाम लगता है। रात में रेस्टोरेंट और बार के सामने वाली सड़कों पर इस तरह का नजारा देखा जा सकता है। सबका इलाज अलग-अलग है। संसाधनों का रोना रोने वाली पुलिस अस्थायी या कुछ घंटों के जाम वाली समस्या का निदान तो किंचित प्रयासों से कर सकती है। लोगों की जवाबदारी भी इस समस्या से मुक्ति दिला सकती है। जहां भी लोग जा रहे हैं, उसके गेट के ठीक सामने गाड़ी खड़ी करना आवश्यक कतई नहीं है। थोड़ा पैदल चलना भी जरूरी है। यकीन मानिए, थोड़ी सी यह दूरी अन्य लोगों की गति को बढ़ा सकती है।
