इंदौर में साइबर अपराधियों का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जो वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठता था। इस गैंग ने जयपुर की एक बैंक मैनेजर से 17 लाख रुपये की ठगी की है।
आरोपियों ने महिला को उनके आधार कार्ड और सिम का गलत उपयोग होने का डर दिखाया और फिर मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर उनसे पैसे ऐंठ लिए। जयपुर पुलिस की जांच में इंदौर के दो युवकों को क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी इंदौर में डिजिटल अरेस्ट के मामले में पहली है। आरोपियों के नाम मुस्तफा और अख्तर बताए जा रहे हैं, जो ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले अपराधियों के खाते संभालते थे। क्राइम ब्रांच ने इनके खाते सीज कर बैंक मैनेजर से ठगे गए 9 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। मंगलवार को जयपुर पुलिस ने इंदौर में आकर जांच की, लेकिन अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
