इंदौर में महिला डीपीसी एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार

By Abhishek Raghuvanshi
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लोकायुक्त की कार्रवाई से अफसरों और ब्लैकमेलर के गठजोड़ का खुलासा हुआ है। संजय मिश्रा स्कूल संचालकों को वर्षों से ब्लैकमेल कर रहा है। उसके विरुद्ध कईं थानों में प्रकरण दर्ज है। तत्कालीन कलेक्टर ने उसके विरुद्ध रासुका भी लगाई थी। बुधानी को 2017 से ब्लैकमेल कर रहा था।
कुख्यात ब्लैकमेलर से मिलकर किया अपराध।
स्कूल संचालक से रिश्‍वत की मांग की थी।
10 लाख रुपये मांग रही थी महिला डीपीसी।
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने जिला परियोजना समन्वयक(डीपीसी) शिला मेरावी को एक लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है।शीला ब्लैकमेलर से मिलकर स्कूल संचालक दिलीप बुधानी से 10 लाख रुपये की मांग कर रही थी।4 लाख रुपये में सौदा तय करने के बाद पहली किस्त में एक लाख रुपये दिए और लोकायुक्त पुलिस पहुंच गई। डीएसपी(लोकायुक्त) प्रवीणसिंह बघेल के मुताबिक ट्रेजर टाउन(बिजलपुर)निवासी दिलीप बुधानी के एमपी पब्लिक स्कूल(अशोकनगर) और एमपी किड्स स्कूल(अंजलीनगर) है। ब्लैकमेलिंग के आरोपित संजय मिश्रा ने बुधानी की स्कूलों की शिकायत की थी। डीपीसी शीला ब्लैकमेलर की शिकायतों की जांच और नोटिस जारी कर बुधानी को धमका रही थी। उसने बुधानी को कार्यालय बुलाकर कहा कि संजय से समझौता कर लें। उसने कहा कि 10 लाख रुपये में समस्त जांचे नस्तीबद्ध कर देगी। रिपोर्ट बनाकर भोपाल भेजेगी और संजय से भी लिखित में समझौता करवाएगी।बुधानी ने लोकायुक्त अफसरों को शिकायत की और शीला से हुई बातचीत रिकार्ड कर ली।शीला ने 4 लाख रुपये में शिकायतें बंद करने की सहमती जताई।
शुक्रवार को पहली किस्त में एक लाख रुपये मंगवाए गए।शीला ने कहा रुपये कार्यालय आना मगर मुझे बाहर से काॅल लगाना। लोकायुक्त अफसर रंगे हाथों पकड़ने की तैयारी में थे मगर शीला ने फोन काटा और तुरंत ड्राइवर को फोन लगाकर कहा कि बुधानी से रुपये लेकर कार में रख लें।
जैसे ही बुधानी ने कार में लिफाफा रखा लोकायुक्त पुलिस ने शीला को गिरफ्तार कर लिया। उसने रिश्वत लेने से इन्कार किया लेकिन लोकायुक्त अफसरों ने एफआईआर बताई तो चुप हो गई।
बंटवारे के लिए ब्लैकमेलर के साथ बैठी थी डीपीसी
पांच बार स्कूलों की मान्यता समाप्त करवा चुका है। बुधानी ने हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त किया था। नवीनीकरण का आवेदन लगाया तो मिश्रा ने पुन:शिकायत कर दी।शीला उसकी शिकायतों पर बुधानी को नोटिस जारी कर धमकाने लगी। मिश्रा ने शुरुआत में 1 करोड़ रुपये मांगे। रिकार्डिंग के डर से वह कागज पर एक सीआर(एक करोड़) लिखता था। बुधानी ने उसका वीडियो बना लिया।शीला ने मध्यस्थता की और 4 लाख में सौदा तय कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त संजय मिश्रा डीपीसी शीला के पास ही बैठा था।

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