ठक-ठक गैंग के नाम से बदनाम बदमाशों को इंदौर पुलिस ने पकड़ने में सफलता पाई है। इनके पास से रुपऐ भी मिले हैं। ये बदमाश आम लोगों को ब्लैकमेल करके उनसे पैसे ऐंठते थे।
पूछताछ के बहाने अगवा भी कर लेते थे बदमाश
बचकर भागने के चक्कर में आरोपितों के पांव टूटे
पुलिस ने इन लोगों से कुछ रुपए भी बरामद किए हैं।
इंदौर। आजाद नगर पुलिस ने ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो भोले-भाले लोगों को एक्सीडेंट और छेड़छाड़ करने का आरोप लगा कर ब्लैकमेल करते थे। पुलिस ने पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर उसने रुपये भी बरामद किए है। आरोपितों ने पुलिस को चकमा देने का प्रयास किया और भागने में पैर टूट गए। बदमाश ठक ठक गैंग के नाम से कुख्यात है। चौराहों पर दरवाजा खटखटा कर लोगों को झांसे में लेते है। डीसीपी जोन-1 विनोद कुमार मीना के मुताबिक आरोपित अरशद पुत्र इकबाल निवासी फिरदौस नगर,सलमान उर्फ शम्मू पुत्र फिरोज खान,शाहरुख पुत्र शरीफ खान,आवेश पुत्र नदीम खान निवासी अंसार बाग पालदा और साहिल उर्फ धोबी पुत्र शेख शकील निवासी मदीना नगर है। दो आरोपित आदिल निवासी मथुरा कालोनी और यासिर निवासी गुलजार कालोनी फरार हो गए।
यूट्यूब-इंस्टा पर वीडियो देखकर बनाया गैंग
एसीपी(आजाद नगर)आशीष पटेल के मुताबिक गिरोह का सरगना शाहरुख है। आरोपित ने पूछताछ में बताया कि खाली वक्त में यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर वीडियो देखते थे।
वीडियो में दिल्ली और मेरठ की ठक-ठक गैंग की न्यूज देखी जिसमें चोरी के तरीके के बारे में बताया था। आरोपित इसके बाद शहर में वारदात करने लगे।
एसीपी के मुताबिक आरोपितों ने बाणगंगा,अन्नपूर्णा क्षेत्र की घटनाएं भी बताई है। संबंधित थाना प्रभारियों से घटनाओं की जानकारी मांगी है।
ऐसे करते थे अपराध
पहली घटना सावरकर नगर(कटनी)निवासी युश द्विवेदी के साथ 5 दिसंबर को मुसाखेड़ी क्षेत्र में हुई थी। युश जयभवानी ट्रेवल की बस से उतर कर जा मूसाखेड़ी की तरफ जा रहा था।
आरोपितों ने बस में बैठी युवती से छेड़छाड़ का आरोप लगाया और जबरदस्ती सुनसान जगह पर ले गए। युश के साथ मारपीट की और समझौते के नाम पर ऑनलाइन 10 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
डीसीपी के मुताबिक इसी तरह से कुछ लोगों से एक्सीडेंट का आरोप लगा कर रुपये ऐंठे गए हैं। पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के लिए 100 से ज्यादा स्थानों से सीसीटीवी फुटेज निकाले।
आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि रुपये कियोस्क संचालक अशोक यादव के खाते में जमा करवाए जाते थे। अशोक कमिशन काट कर रुपये दे देता था। पुलिस ने अशोक को सहआरोपित बनाया है। पुलिस उसकी तलाश में छापे मार रही है।
