इंदौर को 15 फरवरी तक बाल भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने की तैयारी

By Abhishek Raghuvanshi
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  • चार दिन के अंदर नायता मुंडला का बस स्टैंड शुरू करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश। दूधिया में निर्धारित स्थान पर लगेगी रेत मंडी।

इंदौर। शहर के प्रमुख चौराहों व मंदिरों को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त करवाने की कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान से एसडीएम व जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी जुड़ेंगे और 15 फरवरी तक इंदौर को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाया जाएगा। ये निर्देश कलेक्टर आशीष सिंह ने सोमवार को टीएल बैठक में दिए।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि जिले में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण नहीं करने पर अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले के स्कूलों में बच्चों को लाने, ले जाने में लगे वाहनों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। ऐसे वाहन जो स्कूल में अटैच नहीं है परन्तु वे बच्चों को स्कूल लाने, ले जाने का कार्य करते हैं, उनकी अलग से सूची बनाई जाए।

फील्ड में जाकर निरीक्षण करें अधिकारी
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिकारी सतत् रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करें। इसके अलावा कमियों और समस्याओं को पता कर उनके निराकरण का प्रयास करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिला अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भी फील्ड में निरीक्षण के लिए भेजें। कलेक्टर ने 15 फरवरी से दूधिया में निर्धारित स्थान पर रेत मंडी और 16 फरवरी से नायता मुंडला में नया बस स्टैण्ड शुरू करने के निर्देश दिए।

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