इंदौर के लसुड़िया थाना क्षेत्र में पिछले दिनों बहन से बात करने की बात को लेकर दो युवकों ने एक युवक को मौत के घाट उतार दिया था इस पूरे मामले को लेकर विरोध स्वरूप क्षेत्रीय रहवासियों और समाज से संबंधित लोगों ने चक्का जाम कर जमकर हंगामा किया था अतः पुलिस ने इस पूरे मामले में चक्का जाम करने वाले आरोपियों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है।
पूरा मामला इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र के रविदास नगर का है रविदास नगर में रहने वाले दुर्गेश पर गौरव और उसके एक अन्य साथी ने हमला किया और मौत के घाट उतार दिया फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में दुर्गेश की मौत हो गई और इसकी जानकारी जब क्षेत्रीय रहवासियों के साथ ही दलित समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अन्य समाज के लोगों को लगी तो वह बड़ी संख्या में लसूड़िया थाने पर पहुंचे और आरोपियों के घरों पर अतिक्रमण की कार्रवाई के साथ ही उन पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे इस दौरान जमकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी क्षेत्रीय रहवासीयो और समाज के लोगों ने आरोप लगाए थे वहीं इस पूरे घटनाक्रम में बड़ी संख्या में चक्का जाम होने के कारण वहां पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई , वहीं लोकसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस ने कई तरह की गाइडलाइन जारी कर रखी है इसके तहत बिना परमिशन चक्का जाम वह अन्य तरह के प्रदर्शन नहीं किए जाते हैं लेकिन क्षेत्रीय रहवासियो और समाज के लोगों ने विरोध स्वरूप चक्का जाम कर दिया और इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने चक्का जाम करने वाले लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है बता दे इस पूरे मामले में पुलिस ने दलित समाज के कुछ छोटे नेताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है लेकिन चक्का जाम में मुख्य रूप से मनोज परमार जो कि दलित समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है वह भी शामिल हुए थे लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की तो वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे ही मामले की प्रारंभिक तौर पर वीडियो फुटेज के आधार पर जांच पड़ताल की जा रही है और आने वाले दिनों में वीडियो फुटेज के आधार पर और भी लोग जो वहां पर चक्का जाम कर रहे थे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
