अंतिम संस्कार के पैसे नहीं थे, पति ने बोरे में भरकर फेंक दिया शव, लंबे समय से बीमार थी महिला

By Abhishek Raghuvanshi
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चंदन नगर थाना क्षेत्र में बोरे में मिली महिला की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए उसके पति को पकड़ा है। पति ने बताया कि पत्‍नी लंबे समय से बीमार थी, जिससे उसकी मौत हो गई, वहीं उसके पास अंतिम संस्‍कार के पैसे नहीं थे, ऐसे में उसने शव को फेंक दिया था।

  • चंदन नगर थाना क्षेत्र में मिला था महिला का शव
  • बीमारी से हुई थी महिला की मौत
  • पति के पास नहीं थे अंतिम संस्कार करने तक के पैसे

इंदौर। अंतिम संस्कार के रुपयों की व्यवस्था नहीं होने पर पेंटर अपनी 57 वर्षीय पत्नी का शव बोरे में भरकर फेंक आया। सात साल पूर्व दोनों एक-दूसरे की देखभाल का वादा कर बस स्टैंड पर मिले थे। पत्नी को यूं अंतिम विदाई देकर पेंटर बगीचे में जाकर पश्चाताप करने लगा। तभी ढूंढते-ढूंढते पुलिसकर्मी जा पहुंचे और पूछताछ के लिए थाने लेकर आ गए। वाकया चंदन नगर थाना क्षेत्र स्थित अहमदनगर (बांक) का है। पुलिस को रविवार सुबह सुरैया बी के घर के पास बोरे में एक महिला का शव मिला था। शव से भयंकर बदबू भी आ रही थी। परिस्थिति से पुलिस को लगा किसी ने हत्या कर गुमराह करने के इरादे से शव फेंका है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज निकाले और महिला की शिनाख्ती के लिए गुमशुदगियां तलाशी जाने लगीं। तभी एक मुस्लिम युवक ने कहा राजकुमार नगर में रहने वाला मदन नरगावे सुबह से गायब है। शनिवार को उसकी टापरी से बदबू भी आ रही थी। इस पर पुलिस का शक पुख्ता हो गया और सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी। शाम होते-होते मदन कालोनी के एक बगीचे में मिल गया। पुलिस अधिकारियों के सवाल करते ही मदन गिड़गिड़ाते हुए बोला बोरे में मिला शव उसकी पत्नी आशा का है। सात साल पूर्व दोनों गंगवाल बस स्टैंड पर मिले थे। खाना बनाने और देखभाल करने का बोली और साथ रहने लगे। आशा बीमार हुई तो उसका उपचार करवाया। फ्रेक्चर होने पर राॅड भी लगवाई। कुछ दिनों से तबियत ज्यादा खराब रहने लगी। डाक्टर के पास ले जाने की हैसियत नहीं थी।

दो दिन पर पड़ा रहा शव
पेंटर ने बताया कि टापरी पर टीनशेड लगा हुआ है, जो कि भयंकर तपती थी। तीन दिन बीमार रही और गर्मी से बेहाल आशा ने दम तोड़ दिया। दो दिन तक आशा का शव 8 बाय 8 की टापरी में ही पड़ा रहा। शनिवार को पड़ोसी ने कहा- घर से बदबू आ रही है। देख लो कहीं चूहा तो नहीं मरा। आसपास के सभी घरों में देख लिया है। आप भी अपना कमरा देख लो। उस वक्त तो मदन कुछ नहीं बोला लेकिन तय कर लिया कि शव को ठिकाने लगाना है।

मदन जिस बस्ती में रहता है वो मुस्लिम बहुल है। उसके पास अंतिम संस्कार के रुपयों की व्यवस्था नहीं थी और किसी से मदद भी नहीं मांग सकता था। जैसे ही लोग अपने-अपने घरों में सोने गए, शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर फेंक आया।
मदन ने शव का अनादर किया,सहायता ले सकता है

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एडिशनल डीसीपी जोन-4 आनंद कुमार यादव के मुताबिक मूलत: घट्टी पोस्ट देवला अंजड़ जिला बड़वानी निवासी 54 वर्षीय मदन पुताई का काम करता है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग को जांच में ले लिया है। मदन ने शव का अनादर किया है। अंतिम संस्कार के लिए शासन द्वारा संचालित योजना का लाभ ले सकता था। पुलिस प्रशासन और नागरिक भी मदद कर सकते थे।

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