/सरकार के विकास के दावों की पोल उस समय खुल जाती है जब ग्रामीण क्षेत्र में पानी के लिए हा हा कार मचने लगता है और ग्रामीण चक्का जाम से लेकर हंगामा करने पर उतारू हो जाते हैं।शहर से मात्र 5 किलोमीटर दूर ग्राम कंजना में भी आज यही सब देखने को मिला जब पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने काफी देर तक हंगामा किया। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इन ग्रामीणों की समस्या देखने नहीं पहुंचा।पूर्व मंडी अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रघुवंशी को जब इसकी जानकारी लगी तो वह ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनको समझाया तथा पीने के पानी की व्यवस्था करने की बात कही। जब तहसील मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर दूर के ग्राम में पेयजल की इतनी विकराल समस्या है तो दूर दराज इलाकों में क्या हाल होगा समझा जा सकता है..किस प्रकार से विकास हुआ है..?
