दमकलकर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू। दुकानदारों ने लगाया घासलेट और पेट्रोल की अवैध बिक्री का आरोप।
इंदौर। पटेल ब्रिज के पास शनिवार शाम दुकानों में आग लग गई। दुकानों में ज्वलनशील पदार्थ होने से आग बेकाबू हुई और नौ दुकानों को चपेट में ले लिया। बसों के कारण दमकलकर्मियों को पहुंचने में मशक्कत करना पड़ी। दुकान संचालकों का आरोप है कि जिस जगह से शुरुआत हुई वहां अवैध घासलेट और पेट्रोल बिकता है। बाइक और आटो रिक्शा भी जला है। आटो रिक्शा चालक बचत के लालच में घासलेट व पेट्रोल लेने आते थे।
अग्निकांड देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
घटना शनिवार शाम करीब 4.15 बजे की है। पटेल ब्रिज स्थित पटेल प्रतिमा के समीप लोहे की चद्दरों से बने आटो पार्ट्स, गैरेज, वायरिंग और स्प्रे पेंट की कई दुकानें हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सबसे पहले राजेश की दुकान सांवरिया आइल में आग लगी। दुकान में आइल, लुब्रिकेंट, स्प्रे पेंट सहित अन्य तरह का ज्वलनशील पदार्थ रखा था। इस कारण आग भड़की और श्रीनाथ यादव ट्रैवल्स के आफिस को चपेट में लिया।
मौके पर अग्निशमन यंत्र और पानी की व्यवस्था नहीं थी। इस कारण कुछ ही पलों में आग ने विशाल एवरफ्रेश, इंदौर इंजीनियरिंग वर्क्स, आनर आटो पार्ट्स, अशोक विकास ट्रैवल्स, रायल इलेक्ट्रिकल्स, रजत इलेक्ट्रिकल्स और जनता आटो पार्ट्स की दुकान को भी चपेट में ले लिया।
बसों के कारण फंसे दमकलकर्मी
दमकलकर्मी पहुंचे लेकिन सरवटे बस स्टैंड से देवास की तरफ जाने वाली बसों के कारण जाम में फंस गए। दमकलकर्मी काफी मशक्कत के बाद मौके पर पहुंचे। जिस वक्त आग लगी, पुलिस अफसर फ्लैग मार्च निकालने रानी सराय स्थित पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे थे। संयोगितागंज एसीपी तुषार सिंह और छोटी ग्वालटोली टीआइ उमेश यादव मौके पर पहुंच गए।
जहरीले धुएं और लोहे की चद्दरों से आई मुश्किल
दुकानें लोहे की चद्दरों से बनी हुई हैं। उनके पीछे रेलवे कार्यालय है। आटो पार्ट्स और आइल होने के कारण पूरे क्षेत्र में काला और जहरीला धुआं फैल गया। दो दुकानों में ताला लगा हुआ था। दमकलकर्मी चद्दर गर्म होने के कारण ऊपर भी नहीं जा सके। काफी देर बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग में दो बाइक और एक आटो रिक्शा भी पूरी तरह जल गया। टीआइ के मुताबिक, ज्वलनशील पदार्थ होने की जानकारी है। घासलेट और पेट्रोल बिकने की पुष्टि नहीं हुई है।
