बुधवार सुबह अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर एक व्यक्ति ने गोली चला दी।
नीले रंग की ‘सेवादार’ वर्दी पहने बादल अपनी सजा काटते हुए स्वर्ण मंदिर( हर मंदर साहिब) के प्रवेश द्वार पर व्हीलचेयर पर बैठे थे।
पुलिस के अनुसार हमलावर की पहचान नारायण सिंह चौरा के रूप में हुई है, जिसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि,
हमले का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है।
एडीसीपी हरपाल सिंह ने कहा, “यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। सुखबीर बादल को उचित सुरक्षा दी गई थी। नारायण सिंह चौरा (हमलावर) कल भी यहां था। आज भी उसने सबसे पहले गुरु को नमन किया।”
यह घटना बादल सहित अन्य शिअद नेताओं को बर्तन धोने, जूते साफ करने और बाथरूम साफ करने के निर्देश दिए जाने के दो दिन बाद आई है। पांच सिख सिंघ सहिंबानो ने उन्हें सजा सुनाई थी। उन्हें शिअद के 2007 से 2017 तक के कार्यकाल के दौरान की गई “गलतियों” के लिए तनखैया (धार्मिक कदाचार का दोषी) घोषित किया गया था।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के नेतृत्व में सिंघ साहिबानो ने सुखबीर को स्वर्ण मंदिर के घंटाघर के बाहर तथा अन्य प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर दो दिन तक सेवादार पोशाक पहनकर तथा गुरबानी छंद लिखी तख्ती लेकर सार्वजनिक तपस्या करने का निर्देश दिया।
