SC में इमरान के स्वागत पर चीफ जस्टिस की सफाई:कहा- मैं तो सबका वेलकम करता हूं; 19 मई को खान की पेशी

By Abhishek Raghuvanshi
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सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान के चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल। (फाइल)

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में इमरान खान को ‘गुड टू सी यू’ और ‘विश यू ऑल द बेस्ट’ कहने वाले चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल ने इस मामले पर इशारों में सफाई दी।

मंगलवार को एक केस की सुनवाई के दौरान बंदियाल ने सीनियर लॉयर असगर सब्जबारी से कहा- गुड टू सी सी यू, यानी आपको देखकर खुशी हुई। कुछ देर रुककर चीफ जस्टिस ने आगे कहा- इमरान खान से भी मैंने यही कहा था, इसके लिए मुझे ताने दिए जा रहे हैं। लेकिन, मैं तो अक्सर यही करता हूं।

दूसरी तरफ, लाहौर के एंटी टेरेरिज्म कोर्ट ने इमरान को आतंकवाद से जुड़े एक मामले में सुनवाई के लिए 19 मई को पेश होने को कहा है। खान अल कादिर ट्रस्ट केस सहित कई मामलों में फिलहाल जमानत पर हैं।

सोमवार को पत्नी बुशरा के साथ इमरान लाहौर हाईकोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे।

खान पर अदालतों की मेहरबानी

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  • 10 मई को बंदियाल ने नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) से उसकी कस्टडी में मौजूद इमरान को एक घंटे में पेश करने को कहा था। इसके लिए एक मर्सिडीज कार का भी इंतजाम किया गया था। कुछ देर बाद NAB ने खान को चीफ जस्टिस की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने पेश किया था।
  • इमरान को लाए जाने के पहले ही तीनों जज कोर्ट रूम में मौजूद थे। खान जैसे ही पहुंचे तो चीफ जस्टिस ने कुर्सी से उठकर कहा- गुड टू सी यू। इसके बाद महज 7 मिनट में उन्हें रिहा कर दिया। अगले दिन लाहौर हाईकोर्ट में पेश होकर बेल लेने को कहा। इतना ही नहीं, इमरान जब कोर्ट से जाने लगे तो बंदियाल ने उन्हें विश यू ऑल द बेस्ट भी कहा।
  • ये तमाम बातें प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने संसद में भी बताईं। अगले दिन यानी 11 मई को खान को सिर्फ उस अल कादिर ट्रस्ट केस में ही बेल नहीं दी गई, बल्कि हर तरह के मामलों में प्रोटेक्टिव बेल दे दी गई।
सोमवार को संसद में डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने इमरान को सुप्रीम कोर्ट का लाडला बताया था। आसिफ मंगलवार को सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग करने वाले हैं।

कोर्ट में स्वागत का तरीका

  • बहरहाल, चीफ जस्टिस के इस तरीके पर सत्तारूढ़ गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) भड़क गया। प्रधानमंत्री शाहबाज ने संसद में इसका जिक्र किया। सोमवार को PDM के चीफ मौलाना फजल-उर-रहमान ने सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन के दौरान भी चीफ जस्टिस के इमरान प्रेम पर तंज कसे।
  • मौलाना और मरियम नवाज ने चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान से कहा- जरा भी शर्म है तो फौरन इस्तीफा दें।
  • चारों तरफ से घिरे बंदियाल ने मंगलवार को एक बहाने से सफाई दी। कहा- किसी को वेलकम करना तो अदालत में स्वागत का एक तरीका है। इसके लिए मुझे टारगेट क्यों किया जा रहा है। मैं तो हर किसी का तहेदिल से स्वागत करता हूं, ऐसा करना भी चाहिए। हम काम को लेकर गंभीर होते हैं।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने मौजूद मौलाना फजल-उर-रहमान के समर्थक। पाकिस्तानी मीडिया इन्हें यलो ब्रिगेड कहता है।

मौलाना का चीफ जस्टिस पर तंज
मौलाना फजल-उर-रहमान ने सोमवार को कहा था- जजों को अगर सियासत करनी है तो कोर्ट से बाहर निकलें। ये कैसा चीफ जस्टिस है कि 60 अरब का घोटाला करने वाले आदमी का कुर्सी से उठकर इस्तकबाल करता है। चीफ जस्टिस ने दुनिया में पाकिस्तान की नाक कटवा दी है।

सोमवार को ही संसद ने चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान उमर अता बंदियाल के खिलाफ रेफरेंस प्रपोजल लाने की भी मंजूरी दे दी। इसके लिए पांच सांसदों की कमेटी बनाई गई है। ये जल्द ही प्रस्ताव तैयार करके कैबिनेट को भेजेगी।

अल कादिर ट्रस्ट केस में इमरान की पत्नी बुशरा बीबी 23 मई तक जमानत पर हैं। (फाइल)

अल कादिर यूनिवर्सिटी स्कैम को आसान भाषा में समझें

  • पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस केस में 4 अहम किरदार हैं। इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी, अरबपति लैंड माफिया मलिक रियाज और बुशरा की दोस्त फराह गोगी।
  • पाकिस्तान में सरकार चला रहे गठबंधन में शामिल पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट यानी PDM का आरोप है कि 2018 में खान जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। ब्रिटेन में रियाज की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी जब्त करा दी। उसका एक गुर्गा भी लंदन में गिरफ्तार करा दिया, जिससे 40 अरब पाकिस्तानी रुपए बरामद हुए।
  • ब्रिटेन सरकार ने रियाज के गुर्गे से बरामद पैसा पाकिस्तान सरकार को लौटा दिया। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि यह पाकिस्तानी जनता का पैसा है।
  • PDM का आरोप है कि इमरान ने कैबिनेट को इस पैसे की जानकारी नहीं दी। बल्कि अल कादिर नाम से एक ट्रस्ट बनाकर मजहबी तालीम देने के लिए एक यूनिवर्सिटी शुरू की। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 3 मेंबर थे। इमरान खान, बुशरा बीबी और फराह गोगी।
  • इस केस की FIR में कहा गया है कि ट्रस्ट के लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी। बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के खिलाफ दर्ज केसेज में उसे राहत दी गई गई, बल्कि करोड़ों रुपए के सरकारी ठेके भी दिलाए गए।
  • पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने 9 मई को कहा था- ये पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम है। सरकारी खजाने को कम से कम 60 अरब रुपए की चपत लगी। इसके बावजूद 13 महीने में एक बार भी इमरान या बुशरा पूछताछ के लिए नहीं आए। 4 साल में इस यूनिवर्सिटी में महज 32 स्टूडेंट्स ने ही एडमिशन लिया।
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