इंदौर के एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाले 23 साल के युवक और 20 साल की फाइनल ईयर की स्टूडेंट ने 1 मई को शादी रचा ली। इसके बाद से लड़की के पिता दोनों को पुलिस थाने आने का दबाव बना रहे थे। वे प्रेमी को जान से मारने की धमकी भी दे चुके थे। दोनों अलग-अलग समाज से हैं जिस वजह से लड़की के पिता को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था। इसके बाद दोनों हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने कहा कि उन्हें पुलिस के बुलाने पर कहीं जाने की जरूरत नहीं है। जहां हैं वहीं से संबंधित टीआई और एसपी मामले में बयान दर्ज कर लें। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक फैसले को नजीर मानते हुए हाईकोर्ट यह फैसला सुनाया है। मामले में एमजी रोड थाने की महिला एसआई ने भी इस जोड़े की कांउसलिंग की। युवती के पिता को बुलाकर हाईकोर्ट की कॉपी दिखाकर उन्हें भी इस मामले से दूर रहने की हिदायत दी गई।लड़की लसूड़िया इलाके की रहने वाली है। उसके पिता ने उस पर थाने आकर मिलने का दबाव बनाया था। प्रेमी जोड़े ने वकील कृष्ण कुम्हारे कुन्हारे और कीर्ति अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा मांगी थी।
