रूस से जंग के बीच अमेरिका ने यूक्रेन को क्लस्टर बम देने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसकी घोषणा शुक्रवार देर रात तक कर दी जाएगी। 3 अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि यूक्रेन को दिए जाने वाले वेपन पैकेज में क्लस्टर हथियार होंगे जिन्हें 155 मिलिमीटर की होवित्जर तोप से दागा जाएगा।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक पिछले हफ्ते राष्ट्रपति जो बाइडेन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूक्रेन को क्लस्टर हथियार देने का सुझाव दिया था। इसके बावजूद की 2008 में 108 देश क्लस्टर बम पर बैन लगाने के UN कंवेंशन को साइन कर चुके हैं। इनमें फ्रांस और ब्रिटेन जैसे अमेरिका के सहयोगी देश भी शामिल हैं।
जंग में दोनों तरफ से इस्तेमाल किए जा रहे क्लस्टर बम
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) की रिपोर्ट के मुताबिक रूस और यूक्रेन दोनों ही जंग में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 2022 में यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले इलाके में क्लस्टर बम दागे थे। इसमें 8 बेगुनाह नागरिकों की मौत हो गई थी। HRW की अधिकारी मैरी वेयरहेम के मुताबिक जंग में क्लस्टर बम के इस्तेमाल से लोगों की जान जा रही है और सालों तक जाती रहेगी।
दरअसल रूस, अमेरिका और यूक्रेन तीनों ही देशों ने 2008 की क्लस्टर बमों के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाली UN की संधि पर साइन नहीं किया है। जेलेंस्की काफी समय से अमेरिका से क्लस्टर हथियारों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इनके इस्तेमाल से वो रूसी सैनिकों के ठिकानों को आसानी से तबाह कर पाएंगे।
तीन तस्वीरों के जरिए देखें कि क्लस्टर बम कैसे काम करता है….
क्या होते हैं क्लस्टर बम…
क्लस्टर बम एक ऐसा हथियार है जिसे हवा में रिलीज करने पर कई छोटे-छोटे बम निकलते होते हैं। ये छोटे बम साधारण बमों की तुलना में ज्यादा इलाके को प्रभावित करते हैं। ये खतरनाक इसलिए माने जाते हैं क्योंकि मुख्य बम से निकलने वाले कई सारे छोटे विस्फोटक निर्धारित लक्ष्य के आसपास भी नुकसान पहुंचाते हैं। ज्यादातर मामलों में इनकी चपेट में आम नागरिक भी आते हैं। इन्हें लड़ाकू विमानों के जरिए आसमान और तोपों के जरिए जमीन से भी दागा जा सकता है।
बम के फटने के बाद आसपास गिरने वाले छोटे विस्फोटक लंबे समय तक पड़े रह सकते हैं। ऐसे में जंग खत्म हो के बाद भी इनकी चपेट में आने से जान जा सकती है। यह विरोधी सैनिकों को मारने या उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
भारत पर लगे क्लस्टर बम के इस्तेमाल के आरोप
2019 की बात है, भारतीय सेना ने LOC पर पाकिस्तान की तरफ से होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारतीय सेना पर क्लस्टर हथियारों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा- भारत ने नियंत्रण रेखा पर आम नागरिकों को निशाना बनाया है, क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया है जो निंदनीय है। ये जिनेवा संधि और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।”
भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था- पाकिस्तानी सेना लगातार घुसपैठ कराकर और चरमपंथियों को बढ़ावा देती है। भारतीय सेना ने कार्रवाई लोगों के खिलाफ नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सेना की चौकियों और चरमपंथी घुसपैठियों के खिलाफ की है।
