पाकिस्तान में तंगहाली और आर्थिक संकट के बीच वहां की सरकार और सेना लगातार अपना प्रोपोगेंडा फैलाने पर लाखों रुपए खर्च कर रही है। ये प्रोपोगेंडा 27 अक्टूबर को कश्मीर के इतिहास का काला दिन घोषित करने के लिए फैलाया जा रहा है। दरअसल अक्टूबर 1947 में इसी दिन भारतीय सेना ने कश्मीर से पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ा था।
भास्कर को मिले पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय के कुछ दस्तावेजों के मुताबिक, 6 अक्टूबर को वहां की सरकार ने ‘कश्मीर ब्लैक डे’ से जुड़े ईवेंट्स पर करीब 27 लाख रुपए खर्च किए थे। एक दूसरे दस्तावेज में विदेश सचिव मोहम्मद सायरस साजद काजी और उनके स्टाफ को 27 अक्टूबर को सुबह 8.15 बजे इस्लामाबाद के आगा शाही चौराहे पर इकट्ठा होकर विरोध मार्च करने का आदेश दिया गया था।
पाकिस्तान में 27 अक्टूबर को कश्मीर का काला दिन बताया गया है।
27 अक्टूबर को कश्मीर का काला दिन घोषित करने की कोशिश
इंटेलीजेंस कम्यूनिटी के सूत्रों ने भास्कर के साथ जानकारी शेयर की, जिसमें बताया गया है कि 27 अक्टूबर को सेमिनार, मीटिंग और प्रदर्शन जैसे कई ईवेंट तय किए गए थे। ये यूरोप, कनाडा और श्रीनगर जैसी जगहों पर होने वाले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पाकिस्तानी सरकार ऑल पार्टी हुरियत कॉन्फ्रेंस (APHC) के साथ मिलकर इन ईवेंट्स के लिए काम कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, जेद्दाह, बेल्जियम, जापान, मॉन्ट्रियल जैसी जगहों पर पाकिस्तानी कॉन्सुलेट को 27 अक्टूबर के ईवेंट करवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस जगहों पर पाक एम्बेसी को आदेश दिया गया है कि समारोह में बच्चों को सबसे ज्यादा शामिल किया जाए। इस दौरान बच्चों को भारत के विरोध में लिखी गईं कविताएं, भाषण और और प्रेजेंटेशन दिखाने के आदेश दिए गए हैं।
ये उन ट्विटर अकाउंट की जानकारी है, जो पाकिस्तानी प्रोपोगेंडा फैलाते हैं…
25 ट्विटर-13 फेसबुक अकाउंट प्रोपोगेंडा फैलाने के लिए बुक
भास्कर को मिले डेटा के मुताबिक, ऐसे 25 ट्विटर और 13 फेसबुक इनफ्लूएंसर्स हैं जो ISI के उस प्रोपोगेंडा को फैलाएंगे, जिसमें ये दिखाया जाता है कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी ISI ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जानकारी शेयर की है, जो पाकिस्तान का प्रोपोगेंडा फैलाने का काम कर रहे हैं।
सुत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी मीडिया के कई कॉलम्स को भी 27 अक्टूबर से जुड़ा प्रोपोगेंडा फैलाने के लिए बुक किया गया है। पाक स्कूल के कर्मचारियों को भी बच्चों के साथ इन ईवेंट्स में भाग लेने का आदेश दिया गया है।
ये उन फेसबुक अकाउंट की लिस्ट है, जो पाकिस्तानी प्रोपोगेंडा फैलाते हैं…
1 डॉलर की कीमत 300 पाकिस्तानी रुपया
बता दें कि पाकिस्तान की मुद्रास्फीति दर अगस्त में 27.4% थी जो सितंबर में बढ़कर 31.4% पर पहुंच गई। देश की ब्याज दरें भी बढ़कर 22% के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। पाकिस्तानी रुपया अगस्त में अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यहां एक अमेरिकी डॉल की कीमत 300 पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच चुकी है।
