त्योहार के सीजन में दिल्ली प्रदूषण के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के बढ़ते हुए मामलों की मार झेल रही है. त्योहारी सीजन के पहले सोमवार को सबसे खराब आबोहवा दर्ज की गई तो दिल्ली नगर निगम की तरफ से प्रदूषण को कम करने के लिए कई सारे फैसले लिए गए. उन्हीं में से एक एमसीडी की पार्किंग फीस बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल है. 27 अक्टूबर को होने वाली दिल्ली नगर निगम की बैठक में ये पेश होगा. हालांकि शुल्क में कितनी बढ़ोतरी की गई है, फिलहाल इसका खुलासा अधिकारियों ने नहीं किया है.
वर्तमान में दिल्ली नगर निगम की पार्किंग में कार पार्किंग चार्ज 20 रुपए, दो पहिया वाहनों ₹10 रुपए तो वहीं 24 घंटे के लिए अगर आप एमसीडी की पार्किंग में कार पार्क करते हैं तो इसका चार्ज ₹100 निश्चित है.
दिल्ली नगर निगम एक्ट के मुताबिक दिल्ली के एमसीडी के अधिकारी पार्किंग फीस बढ़ोतरी को लागू नहीं कर सकते. लिहाजा अफसरों का यह प्रस्ताव सदन की मीटिंग में पेश होना जरूरी है. बैठक के एजेंडे में प्राइवेट एडेड स्कूलों की मान्यता पार्षदों की भत्ता फीस भी बढ़ाए जाने का प्रस्ताव शामिल है.
दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष व पूर्व महापौर राजा इकबाल सिंह ने आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार के बाद अब दिल्ली नगर निगम में भी अपनी भ्रष्टाचारी नीतियां लागू करना चाहती है.
‘एजेंडे की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराती आप’
उन्होंने आरोप लगाया कि आप समय पर निगम पार्षदों को एजेंडे की प्रतियां उपलब्ध नहीं करवाती है. इस बार सदन की बैठक का एजेंडा आम आदमी पार्टी की भ्रष्टाचारी नीतियों पर आधारित है, जिसमें ये लोग निगम की स्वास्थ्य इकाइयों/ संपत्तियों को बेचकर भ्रष्टाचार करना चाहते हैं व नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने की जगह उनसे शुल्क वसूलने की तैयारी में हैं.
राजा इकबाल सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली नगर निगम की 60 डिस्पेंसरियों को प्राइवेट लैब संचालकों को देने के लिए सदन की बैठक में प्रस्ताव लेकर आ रही है. इस प्रस्ताव के अंतर्गत आम आदमी पार्टी इन सात डिस्पेंसरियों का संचालक पांच वर्षों के लिए निजी हाथों में देने की तैयारी में है. आम आदमी पार्टी अब नागरिकों को मुफ़्त स्वास्थ्य सेवाएं देने की जगह नागरिकों से शुल्क वसूलने की तैयारी में है.
‘बालक राम अस्पताल के भवन को भी निजी हाथों में देने की तैयारी’
उन्होंने आरोप लगाया कि बालक राम अस्पताल का संचालन भी पांच वर्षों के लिए एनजीओ को देने की तैयारी है. भवन निगम का, बिजली का बिल भी निगम द्वारा भरा जाएगा, अन्य सुविधाएं भी निगम की फिर भी आम आदमी पार्टी निगम द्वारा अस्पताल संचालन नहीं करना चाहती है व फ्री ओपीडी के नाम पर बालक राम अस्पताल के नव निर्मित भवन को निजी हाथों में देने की तैयारी में है. दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम का कुल बजट 93,000 करोड़ रुपये है, उसके बाद भी आम आदमी पार्टी निगम अस्पताल के संचालन के लिए डॉक्टर्स उपलब्ध नहीं करवा रही है.
पिछली बैठक में दो प्रस्ताव हुए थे निरस्त
बता दें कि पिछली सदन की बैठक में विपक्ष के विरोध के बाद आम आदमी पार्टी ने दो प्रस्ताव निरस्त कर दिए थे. इस बार फिर आम आदमी पार्टी के उन्हीं दो प्रस्तावों को सदन की बैठक में लेकर आ रही है. इन दोनों प्रस्तावों में पहला प्रस्ताव भवन प्लान की मंज़ूरी के समय प्रतिपूरक/ नियामक प्रभारों का उद्ग्रहण से संबंधित है. वहीं दूसरा प्रस्ताव निजी विद्यालयों को बिना सहायता मान्यता प्रदान करने की प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के संबंध में है.
