इमरान की गिरफ्तारी के बाद तोशाखाना गिफ्ट नीलाम होंगे:पाकिस्तान PM शाहबाज बोले- नीलामी की रकम से गरीबों की मदद की जाएगी
पाकिस्तान सरकार तोशाखाना (सरकारी खजाने) में रखे गिफ्ट्स को नीलाम करेगी। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इसकी घोषणा की है।
पाकिस्तान सरकार तोशाखाना (सरकारी खजाने) में रखे गिफ्ट्स को नीलाम करेगी। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इन गिफ्ट्स की नीलामी से जो पैसे जमा होंगे उनका इस्तेमाल गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए किया जाएगा।
तोशाखाना मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद ये फैसला लिया गया है। खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए अलग-अलग देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था। उन्होंने तोशाखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था, बेचने पर उन्हें 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में खुलासा हुआ कि यह रकम 20 करोड़ से ज्यादा थी।
पाकिस्तानी मीडिया ARY न्यूज के मुताबिक, PM शाहबाज शरीफ ने कहा- हमने तोशाखाना गिफ्ट्स को नीलाम करने का फैसला किया है। इससे जो पैसे जमा होंगे उनसे अनाथ बच्चों, अस्पतालों, एजुकेशन इंस्टीट्यूट, वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और जरूरतमंदों की मदद की जाएगी।
तोशाखाना केस में इमरान को 3 साल की जेल
5 अगस्त को इस्लामाबाद की ट्रायल कोर्ट ने तोशाखाना मामले में खान को 3 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने पूर्व पाकिस्तानी PM पर एक लाख पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना भी लगाया। इसके बाद लाहौर पुलिस ने PTI चेयरमैन को उनके जमान पार्क स्थित घर से अरेस्ट किया था। बाद में उन्हें इस्लामाबाद लाया गया था।
अब तोशाखाना केस को तफ्सील से समझिए
- चुनाव आयोग के सामने सत्ताधारी पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने तोशाखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था।
- करीब दो साल पहले अबरार खालिद नाम के एक पाकिस्तानी शख्स ने इन्फॉर्मेशन कमीशन में एक अर्जी दायर की थी। कहा- इमरान को दूसरे देशों से मिले गिफ्ट्स की जानकारी दी जाए। जवाब मिला- गिफ्ट्स की जानकारी नहीं दी जा सकती। खालिद भी जिद्दी निकले। उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
- इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान से पूछा था- आप तोहफों की जानकारी क्यों नहीं देते? इस पर खान के वकील का जवाब था- इससे मुल्क की सलामती यानी सुरक्षा को खतरा है। दूसरे देशों से रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसलिए अवाम को दूसरे देशों से मिले तोहफों की जानकारी नहीं दे सकते।
तोशाखाना का नियम क्या है
- पाकिस्तान की पत्रकार आलिया शाह के मुताबिक पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है। अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है।
- तोहफे की अनुमानित कीमत अगर 10 हजार से ज्यादा है तो 20% कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होती है।
- इमरान ने यहां भी खेल कर दिया। 2 करोड़ का तोहफा कहीं 5 लाख तो कहीं 7 लाख का बता दिया। इसी कीमत पर इन्हें खरीदा और फिर ओरिजिनल कीमत से भी कई गुना ज्यादा पर बेच दिया। यह काम जुल्फी बुखारी और बुशरा बीबी की दोस्त फराह खान उर्फ फराह गोगी ने किया था।
- एक और खास बात यह है कि फराह गोगी उसी दिन (10 अप्रैल 2022) पाकिस्तान से एक प्राइवेट जेट से फरार होकर दुबई पहुंच गई थीं, जिस दिन इमरान खान की सरकार गिरी थी।
पत्नी बुशरा भी आरोपी
- तोशाखाना केस दो तरह से चल रहा है। इसमें इमरान की सुनवाई अदालत में हो रही है। इसके अलावा उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एंटी करप्शन एजेंसी पूछताछ के लिए बुला रही है, क्योंकि तोशाखाना के करोड़ों रुपए के तोहफे बुशरा ने ही बेचने के लिए दिए थे।
- बुशरा बीबी को भी जांच एजेंसी के सामने पेश होना है। अब तक कुल 13 बार बुशरा को जांच एजेंसी ने पेश होने के लिए नोटिस दिया है, लेकिन वो एक भी बार पेश नहीं हुईं। इसके बाद जांच एजेंसी ने अखबारों में एक इश्तिहार निकलवाया और कहा कि अगर बुशरा बीबी पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा।
- इसके बाद इमरान ने एक पिटीशन लाहौर हाईकोर्ट में दायर की थी। कहा- मेरी पत्नी घरेलू महिला हैं और उनका सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है। लिहाजा, उन्हें पूछताछ से राहत दी जाए। दूसरी तरफ, इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान के खिलाफ बेहद पुख्ता सबूत हैं और यही वजह है कि वो किसी न किसी बहाने से सुनवाई को लंबे वक्त तक लटकाना चाहते हैं।

28 सितंबर, सोमवार
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