रूस की प्राइवेट मिलिट्री नहीं मान रही पुतिन का आदेश:वैगनर के मालिक प्रिगोजिन बोले- अपने लड़ाकों को रूस की सेना में शामिल नहीं होने दूंगा

By Abhishek Raghuvanshi
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रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहे सभी रूसी वॉलेंटियर्स की टुकड़ियों को रूस की सेना में शामिल होना होगा। इसके लिए सभी प्राइवेट मिलिट्री से एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया जाएगा।

हालांकि, रूस की सबसे बड़ी प्राइवेट मिलिट्री वैगनर ने ये समझौता करने से इनकार कर दिया है। वैगनर के मालिक येवगेनी प्रिगोजिन ने कहा- हम रक्षा मंत्रालय के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।

तस्वीर रूस की प्राइवेट मिलिट्री के मालिक येवगेनी प्रिगोजिन की है।

‘डिफेंस मिनिस्टर सेना को नहीं संभाल पा रहे’
प्रिगोजिन ने रूस के डिफेंस मिनिस्टर सर्गेई शोइगू के बारे में कहा कि वो सेना को ठीक से मैनेज नहीं कर पा रहे हैं। येवगेनी के इस बयान पर अभी तक रूस के किसी मंत्री या अधिकारी का जवाब नहीं आया है। न ही ये स्पष्ट किया गया है कि क्या रूस वैगनर के लड़ाकों को भी सेना में शामिल करेगी, जिन पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं।

वैगनर ने पिछले महीने रूस के लिए बाखमुत इलाके पर कब्जा किया था। अमेरिका ने दावा किया था कि इस कब्जे में येवगेनी प्रिगोजिन के एक लाख से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं। प्रिगोजिन ने रूस की सरकार पर उन्हें ठीक से हथियार और गोला-बारूद नहीं देने के आरोप लगाए थे।

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प्राइवेट लड़ाकों को सेना में मिलाना रूस की मजबूरी
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक प्राइवेट लड़ाकों को सेना में मिलाना रूस की मजबूरी बन गया है। इसकी वजह रूस के कब्जे वाले इलाकों में किया जा रहा यूक्रेन का बड़ा हमला है। यूक्रेन को आगे बढ़ने से रोकने के लिए रूस की सेना को ज्यादा से ज्यादा सैनिकों की जरूरत है।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन ने डोनटेस्क इलाके से रूस के कब्जे वाले 3 गांवों को छुड़ा लिया है। जेलेंस्की ने शनिवार को बताया था कि रूस के खिलाफ उनका काउंटर अफेंसिव यानी पलटवार के तौर किया जाने वाला हमला शुरू हो चुका है। इस बीच रूस ने दावा किया है कि उसने जर्मनी के दिए गए 7 लेपर्ड टैंक्स और अमेरिका के 5 ब्रैडली व्हीकल तबाह किए हैं। रूस की सेना ने तबाह हो चुके टैंक्स की तस्वीरें भी शेयर की हैं।

तस्वीर रूस के हमले में तबाह हुए यूक्रेन के बैटल टैंक्स की हैं। रूस का दावा है कि ये जर्मनी के लेपर्ड टैंक हैं।
तस्वीर डोनटेस्क में यूक्रेन के काउंटर अफेंसिव की है।

येवगेनी प्रिगोजिन को कहा जाता है पुतिन का रसोइया
वैगनर ग्रुप के फाउंडर येवगेनी प्रिगोजिन को रूसी राष्ट्रपति पुतिन का रसोईया भी कहा जाता है। वे पहले एक रेस्तरां चलाते थे जहां पुतिन अक्सर खाने के लिए जाया करते थे। वे धीरे-धीरे पुतिन के करीबी सहयोगी बन गए। उन्हें रूसी सरकार से करोड़ों रुपए के कॉन्ट्रैक्ट मिलने लगे।

येवगेनी ही वैगनर ग्रुप को फंड करते हैं। पहले वे इस ग्रुप से अपने संबंधों को नकारते थे, लेकिन 2022 में उन्होंने माना कि वे इससे जुड़े हुए हैं।

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