भारत-चीन के बीच मेजर जनरल लेवल की बैठक:चुशुल-देसपांग में विवाद सुलझाने पर डिटेल में चर्चा की; ब्रिक्स में मिल सकते हैं मोदी-जिनपिंग

By Abhishek Raghuvanshi
4 Min Read

भारत और चीन के बीच दौलत बेग ओल्डी और चुशुल में LAC पर मेजर जनरल लेवल की बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद पर डिटेल में चर्चा की गई। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक मेजर जनरल पीके मिश्रा और मेजर जनरल हरिहरन ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।

बैठक में देपसांग प्लेन और CNN जंक्शन के मुद्दे का समाधान निकालने पर चर्चा हुई। ये बैठक भारत- चीन के बीच 14 अगस्त को हुई 19वीं कमांडर लेवल की बैठक के बाद की गई है, जिसमें दोनों देश विवादों को बातचीत और समझौतों के जरिए सुलझाने पर राजी हुए थे।

दौलत बेग ओल्डी (DBO) देसपांग के पास है। जहां चीनी सैनिक लगातार भारतीय सैनिकों की पैट्रोलिंग में रुकावटें पैदा करते रहते हैं। वहीं चुशुल पैंगोंग सो झील के दक्षिणी किनारे पर है। जहां भारतीय सैनिकों ने 2020 में एक ऑपरेशन के तहत कई ऊंची जगहों पर कब्जा कर लिया था।

तस्वीर 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई गलवान की झड़प की है। तब से दोनों देशों के बीच तनाव जारी है। (फाइल)

पैट्रोलिंग के नियम तय किए
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मेजर जनरल लेवल की बैठक में दोनों देशों की सेनाओं के लिए पैट्रोलिंग से जुड़े ग्राउंड रूल्स बनाए गए हैं, ताकि आगे किसी भी तरह के संघर्ष से बचा जा सके। साथ ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। मेजर जनरल लेवल की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच ब्रिगेड कमांडर और कमांडिंग ऑफिसर लेवल की भी बैठक होगी।

- Advertisement -

ब्रिक्स समिट में शामिल होंगे PM मोदी- शी जिनपिंग
साउथ अफ्रीका में 22 से 24 अगस्त को ब्रिक्स समिट होने वाला है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हो सकती है। इससे पहले दोनों नेता पिछले साल बाली में G20 समिट के दौरान ​​​​​​मिले थे।

PM मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी। इसकी जानकारी पिछले महीने विदेश मंत्रालय ने दी थी। मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि डिनर के दौरान मोदी और जिनपिंग ने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने पर चर्चा की थी। दोनों के भारत-चीन के बॉर्डर विवाद को भी डिस्कस किया था।

बाली में डिनर के दौरान मिलते मोदी और जिनपिंग।

गलवान झड़प के बाद बढ़ा तनाव
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी पर करीब 3 साल पहले 2020 में हिंसक झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 38 चीनी सैनिक मारे गए थे।हालांकि, चीन इसे लगातार छिपाता रहा। गलवान घाटी पर दोनों देशों के बीच 40 साल बाद ऐसी स्थिति पैदा हुई थी। गलवान पर हुई झड़प के पीछे की वजह यह थी कि गलवान नदी के एक सिरे पर भारतीय सैनिकों अस्थाई पुल बनाने का फैसला लिया था। चीन ने इस क्षेत्र में अवैध रूप से बुनियादी ढांचे का निर्माण करना शुरू कर दिया था। साथ ही, इस क्षेत्र में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा था।

Exit mobile version