- जांच में घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कोई फुटैज नहीं मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ में भी कोई सबूत नहीं मिल पाया।
- पुलिस ने तीन दिन में किया पर्दाफाश
- मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच की।
- जांच में घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कोई फुटैज नहीं मिला।
द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में हुई 57 लाख की चोरी की कहानी झूठी निकली है, फरियादी के पिता ने कर्ज चुकाने के लिए यह साजिश रची थी। इतनी बड़ी चोरी की शिकायत पर पुलिस की चिंता बढ़ गई थी। पुलिस ने तत्काल टीम का गठन कर तकनीकी रुप से मामला की जांच की।
तीन दिन में पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी(फरियादी के पिता) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से करीब 19 लाख रूपये नकदी और जेवरात भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक फरियादी अनमोल पुत्र संजय पाटिल निवासी द्वारकापुरी ने 22 दिसंबर को शिकायत की थी कि वह 21 दिसंबर को बस से मां और दादी के साथ मामा के घर खंडवा गया था।
घर पर उसके पिता अकेले थे। मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच की। जांच में घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कोई फुटैज नहीं मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ में भी कोई सबूत नहीं मिल पाया। इस पर पुलिस का शक गहरा गया और बारीकी से जांच की तो चोरी की कहानी झूठी होना पाया गया।
घटना वाले दिन सुबह को फरियादी के चाचा के यश ने फोन कर चोरी होने की सूचना देते हुए बताया था कि ऊपरी मंजिला के कमरे का दरवाजा का नकूचा टूटा हुआ है। घर पहुंचा तो पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे। वहीं पूछताछ में आरोपित संजय ने बताया कि वह प्रापर्टी ब्रोकर है।
उसने पत्नी, मां और बेटे को अपने ससुराल भेज दिया था। उस पर काफी कर्ज हो गया था। कर्जदार लगातार पैसा चुकाने का दबाव बना रहे थे। इसलिए खुद के घर में चोरी का षडयंत्र रचा था।
ऐसी रची चोरी की साजिश
संजय ने एक मकान बेचकर 35 लाख रुपए खुद के पास रख लिए थे। इसमें से अलग-अलग लोगों को पैसे वितरित कर खुद के पास ढाई लाख रूपये रख लिए थे। जब परिवार के लोग खंडवा गए तो बाजार से टामी और पेंचकस खरीदकर ले आया।
टामी और पेंचकस से ताला तोड़कर अलमारी का सामान बिखेर दिया और खुद दूसरी मंजिल के कमरे में जाकर सो गया, ताकि पुलिस को घटना सही प्रतीत हो सके।
बयान बदलने पर बढ़ा पुलिस का शक
जब पुलिस को चोरी की कोई सुराग नहीं लगा तो फरियादी के रिश्तेदारों और पिता से अलग-अलग बयान लिए। हर बार आरोपित संजय ने बयान बदले, जिससे पुलिस का शक गहरा हो गया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात करना कबूला।
