इंदौर की थाना चंदन नगर पुलिस द्वारा वर्ष 2014 में ट्रक चोरी से संबंधित फर्जी एफ आई आर दर्ज करने के मामले में 8 आरोपियों को माननीय न्यायालय ने बरी कर दिया इस मामले में पुलिस ने असली मुजरिमों पर कार्रवाई करने के बजाय निर्दोषों को आरोपी बनाकर पेश कर दिया था,जो आखिरकार नौ साल बाद बरी हो गए।
इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए लोगों की और से पैरवी करने वाले एडवोकेट संस्कार श्याम भार्गव ने बताया कि चंदन नगर पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर वर्ष 2014 में एक ट्रक जप्त किया गया था, जो थाना क्षेत्र में लावारिस हालत में खड़ा हुआ था और ट्रक के पास ही खड़े दिलशाद उर्फ दिल्लू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाती है और आठ आरोपियों पर ट्रकों की चोरी की फर्जी एफआईआर बनाकर ट्रक चोरों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से फर्जी एफ आई आर तैयार कर बेचने का आरोप लगाया जाता है। इस मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया जाता है ईस मामले में लगातार 9 साल से सुनवाई चल रही थी, मामले में पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश किए गए सभी सबूत झूठे निकले यहां तक की पुलिस ने एक पेन ड्राइव भी माननीय न्यायालय में प्रस्तुत की जिसके माध्यम से प्रिंट निकल जाने की जानकारी दी गई, जब पेन ड्राइव की जांच की गई तो वह भी खाली निकली। आखिरकार माननीय न्यायालय संपूर्ण साक्षय प्रस्तुत न होने के चलते सभी आठों आरोपियों को बरी कर दिया
