इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है जोकि क्रेडिट कार्ड कि 28 से अधिक फर्जी बैंकों की वेबसाइट बनाकर आरोपी द्वारा अब तक 10 करोड़ की ठगी की जा चुकी है.. आरोपी द्वारा देश भर में 2000 लोगों से यह ठगी की वारदात की जा चुकी है और लंबे समय से शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपी को गिरफ्तार किया गया है इस पूरे मामले में एक टेबल पर दो संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनसे पुलिस आगे की पूछताछ करेंगी
डीसीपी निमिष अग्रवाल के अनुसार क्राइम ब्रांच को इंदौर के आवेदक रितेश हिरवे द्वारा यह शिकायत की गई थी कि आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट के नाम से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कॉल कर उसे एक लिंक भेजी गई जहां पर जानकारी लेने के बाद 24000 की आरबीएल बैंक के नाम से ठगी की गई जिसके कुछ ही दिनों बाद क्राइम ब्रांच में आवेदक जितेंद्र द्वारा इसी तरह की शिकायत की गई और उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ भी ₹46000 की ठगी हुई है दोनों ही फरियादी की शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले में जांच शुरू की जहां पर आरोपी रितेश कुमार पिता वेद प्रकाश निवासी पश्चिम बंगाल के साथ कुणाल मिश्रा व जितेंद्र शौकीन को दिल्ली से गिरफ्तार किया है इन सभी आरोपियों द्वारा एक गैंग बनाकर इन बैंकों की हूबहू फर्जी वेबसाइट तैयार की जाती थी और उसी के माध्यम से कॉल कर फरियादियों से ओटीपी और सीवीवी नंबर मांग कर उनके साथ ठगी की जाती थी
ऐसे देते थे ठगी की वारदात को अंजाम
आरोपियों द्वारा फर्जी वेबसाइट तैयार कर कई ग्राहकों को कॉल किए जाते थे और रीवार्ड प्वाइंट को कैश कराने के लिए एक लिंक भेजी जाती थी जब किसी भी फरियादी द्वारा जैसे ही रीवार्ड प्वाइंट केस में बदलने के लिए लिंक पर क्लिक किया जाता था आरोपी द्वारा कॉल कर उनसे ओटीपी और सीवीवी नंबर मांगा जाता था और उसके बाद क्रेडिट कार्ड से उसकी लिमिट का 50 परसेंट रुपया गायब कर दिया जाता था आरोपियों के पास से अब तक देश के अलग-अलग राज्यों की 62 सिम बरामद हुई है.
