प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मीडिया पैनलिस्ट एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर गरीब बस्तियों से जबरन टेक्स वसूलने का आरोप लगाया है साथ ही अपनी ही सरकार के नियमों का उल्लंघन करने का हवाला दिया है।
वीओ – द्विवेदी ने आरोप लगाया कि म0प्र0 के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान घोषणा वीर मुख्यमंत्री है, उन्हें घोषणा करने की लत है। उन्होने आरोप लगाया कि सीएम घोषणाओं का जब भी पिटारा खोलते है जो पहले से ही कानून में शामिल है। दरअसल मुख्यमंत्री ने गंदी बस्ती के रहवासियों से विकास शुल्क के सम्बन्ध में घोषणा की और उन कॉलोनीयों के लिए घोषणा की जो इंदौर नगर निगम ने वैध की है। द्विवेदी ने बताया कि म0प्र0 में गंदी बस्ती निर्मूलन मण्डल है जो गंदी बस्तीयों की सूची जारी करता है और बस्तियों के रहवासियों के लिए क्या सुविधा है, और उस पर कितना शुल्क है छूट है यह भी जारी किया जाता है लेकिन इस सूची में शामिल प्लाट या मकान जो 435 वर्गफीट के दायरे के होते हैं उनका सम्पत्तिकर और जलकर माफ रहता है रजिस्ट्री में आधी कीमत पर स्टाम्प ड्यूटी लगती है, परंतु ना ही भाजपा शासित नगर निगम को पता है ना ही शिवराज इस बारे में जानकारी है जबकि शहर के निगम अधिकारियों को यह भी पता नहीं है कि कुल कितनी गंदी बस्ती है और किस किस वार्ड में स्थित है। द्विवेदी ने आरोप लगया कि 1976 से ही गरीबी बस्ती उन्मूलन के लिए नियम बनाया गया है और इंदौर नगर निगम द्वारा 1976 1982 और 1994 में लिस्ट जारी की गई है लेकिन इंदौर महापौर और प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को इस बाबत जानकारी नहीं इस तरह से प्रदेश सरकार गलत तरीके से टैक्स वसूली कर रही है
