डाक्टर की मृत्यु के बाद पत्नी से वसूले 16 लाख, कोर्ट ने कहा ब्याज सहित लौटाए सरकार

By Abhishek Raghuvanshi
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  • ज्यादा दिए गए वेतन की वसूली निकली है। डाक्टर की पत्नी ने शासन के वसूली के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका प्रस्तुत की।
  • मामला स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक डाक्टर एमएस भंडारी का है।
  • 2012 में शासन ने एक आदेश जारी कर डा. भंडारी को पदोन्नत कर दिया था।
  • इसके बाद से उन्हें पदोन्नति के हिसाब से बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगा।

डाक्टर की मृत्यु के बाद सरकार ने उनकी पत्नी से 16 लाख रुपये वसूल लिए। डाक्टर की ग्रेच्युटी और अन्य भुगतान को शासन ने वसूली बताकर अपने खाते में जमा कर लिया। डाक्टर की पत्नी ने इस पर आपत्ति ली, लेकिन उनसे कहा गया कि जिस आदेश से डाक्टर को वर्ष 2012 में पदोन्नति दी गई थी, शासन ने उसे वापस ले लिया है। उन्हें गलती से ज्यादा वेतन जारी हो गया है।

ज्यादा दिए गए वेतन की वसूली निकली है। डाक्टर की पत्नी ने शासन के वसूली के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका प्रस्तुत की। कोर्ट ने शासन से कहा है कि वह वसूली गई राशि ब्याज सहित तीन महीने में डाक्टर की पत्नी को लौटाए।
मामला स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक डाक्टर एमएस भंडारी का है। एडवोकेट धर्मेंद्र चेलावत ने बताया कि वर्ष 2012 में शासन ने एक आदेश जारी कर डा. भंडारी को पदोन्नत कर दिया था। इसके बाद से उन्हें पदोन्नति के हिसाब से बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगा। नौकरी के दौरान ही वर्ष 2014 में उनकी मृत्यु हो गई।

शासन ने डा. भंडारी की ग्रेच्युटी के 10 लाख रुपये और अन्य भुगतान की रकम जो 15 लाख 93 हजार 593 रुपये बनती थी का भुगतान डा. भंडारी की पत्नी अरूणा भंडारी को करने के बजाय इस रकम को अपने खाते में जमा कर लिया।
अरूणा भंडारी से कहा गया कि शासन ने डा.भंडारी को पदोन्नत करने के आदेश को वापस ले लिया है, इस वजह से वसूली निकाली गई है। अरूणा भंडारी ने एडवोकेट चेलावत के माध्यम से शासन को वर्ष 2016 में हाई कोर्ट में चुनौती दी।
करीब सात वर्ष बाद अब मामले में फैसला आया है। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला ने शासन को आदेश दिया है कि वह उक्त रकम 6 प्रतिशत ब्याज के साथ डा.भंडारी की पत्नी को लौटाए।

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