बाणगंगा थाना क्षेत्र में दोस्त ने ही दोस्त हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए घसीटकर सुनसान जगह पटका और रजाई में लपेट कर आग लगा दी। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। यह भी पता चला कि दोनों नशे के आदी रहे हैं। मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंचे। खून से सने कपड़े, पत्थर और शव को बरामद कर लिया गया है।
टीआइ राजेंद्र सोनी के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को खबर मिली थी। लोगों ने कॉल कर बताया कि वाल्मीकि नगर में शिव मंदिर के पीछे एक युवक का शव जल रहा है। डीसीपी जोन-3 धर्मेंद्रसिंह भदौरिया और एसीपी धैर्यशील येवले मौके पर पहुंचे। छानबीन में पता चला कि शव राजू सुनहरे के प्लाट पर पड़ा था। खून के निशान सड़क के दूसरी तरफ मनीष सुनहरे के कमरे तक जा रहे थे। मनीष के माता-पिता नहीं है और वह खंडहरनुमा कमरे में रहता है। इस कमरे में पड़ी रजाई और दीवारों पर खून के निशान थे। फर्श से भी खून साफ किया हुआ स्पष्ट नजर आ रहा था। थोड़ी देर बाद पता चला कि जिस युवक का शव मिला वह सूबेदारसिंह उर्फ बंटी बैस का है।
साथ में बैठकर करते थे नशा
बंटी पहले महाराणा प्रताप नगर (बाणगंगा) में रहता था और मनीष सुनहरे से उसकी गहरी दोस्ती थी। मनीष दीवार बनाने का काम करता है। दोनों साथ में बैठ कर नशा भी करते थे। मनीष के कमरे के बाहर शराब की बोतलें और डिस्पोजल गिलास पड़े हुए थे। टीआइ के मुताबिक, बंटी को पहले पेट में चाकू मारे गए हैं। बाद में पत्थर से मारा और रजाई में लपेटकर जला दिया। मनीष के जीजा ने बताया कि उसने कॉल कर कहा था कि वह कुछ काम से जा रहा है। इसके बाद उसका पता नहीं चला। पुलिस मनीष की तलाश कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि हत्या में कौन-कौन शामिल है।
