शुक्रवार को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य भुवन भूषण कमल इंदौर पहुंचे जहां रेसीडेंसी कोठी पर अधिकारियों की बैठक ली इस दौरान मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने देश मे कई राज्यो में ओबीसी वर्ग के साथ कि जा रही समस्या पर अपनी बात रखी।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य भुवन भूषण कमल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है जिसकी मांग पिछले लंबे समय से पिछड़ा वर्ग कर रहा था और पहली बार देश के इतिहास में पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक दर्जा मिला है,,,लेकिन हम चाहते हैं कि सभी राज्यों में एक तरह की स्थिति बने उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग को करने के लिए बहुत कुछ है सरकार लगातार प्रयास भी कर रही है लेकिन उसका फॉलोअप ठीक से नहीं हो रहा है,,, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य ने कहा कि मध्यप्रदेश में तमाम तरह की सुविधा शिवराज सरकार दे रही है जिसमे ओबीसी छात्रों को हॉस्टल के अलावा अन्य सुविधाएं दी जा रही है । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग के लिए प्रदेश सरकार अच्छा काम कर रही है,,हालांकि जहां कहीं कुछ कमियां रह जाती है उसके समीक्षा समय-समय पर की जाती है और उस खामियों को दूर करने का प्रयास भी किया जाता है।
वहीं उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के साथ समस्या यह है कि वह ना जनरल होते हैं और ना ही एससी रहे,,, कई प्रदेशों में दिक्कत है यानी कि केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार या मंडल आयोग की सिफारिश के अनुसार 27% आरक्षण दिया गया है लेकिन कई राज्यों में देखा जा रहा है कि 27% आरक्षण पिछड़ा वर्ग को नहीं दिया जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ने कहा कि बंगाल में वर्ग विशेष के अनेक जातियों को पिछड़ा वर्ग में जोड़ दिया है जबकि उनका कभी संविधान के अनुसार क्लेम नहीं बनता था लेकिन राजनीतिक लाभ के चलते राज्य सरकार ने निर्णय लिया है हालांकि कोई भी कार्य करने से पहले राज्य सरकार को किसी का हित मारकर किसी और को उसका अधिकार नही छीनना चाहिए ये न्याय नहीं अन्याय होगा।
