उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 145 शिक्षकों का हुआ सम्मान, शिक्षक देश की बुनियाद, आधारशीला व निर्माण में अग्रसर है।

By Abhishek Raghuvanshi
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आनंद जैन ,इंदौर। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 5 सितम्बर को पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते है। डा. बीआर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्व विद्यालय कुलपति डॉ. रामदास आत्राम, मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, सत्यनारायण सत्तन, विधायक महेन्द्र हार्डिया, द्वारा रविन्द्र नाटय गृह में इंदौर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 145 शिक्षको को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र, मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया।

डॉ. रामदास आत्राम ने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हुए आज हम सभी शिक्षको को सम्मान करने जा रहे है। शिक्षक का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रहता है, शिक्षक बिना देश विकास संभव नही है, गुरू के ज्ञान से ही जीवन सफल होता है, जब एक गुरू किसी विद्यार्थी को शिक्षा देता है कि तो उस विद्यार्थी की आने वाली पीढी भी उसके ज्ञान को प्राप्त करती है। शिक्षको की शिक्षा अनंतकाल तक प्रभावित रहती है।

मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि आज राष्ट्र के गौरव हमारे सम्मान शिक्षको का सम्मान होने जा रहा है।इस भारत देश की बुनियाद, आधारशीला व निर्माण में अग्रसर मान. गुरूजन है। ऐसे सम्मानीय गुरूजन के भारत निर्माण में योगदान के परिणाम स्वरूप भारत विश्व में अपना नेतृत्व कर रहा है। आज हमारे बीच ऐसे विधायक, महापौर, जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी बैठे है जिन्होने अपने शिक्षक के ज्ञान को अपने जीवन में उतारा।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शिक्षक साधारण नही होते है, शिक्षक प्रलय व निर्माण को अपने हाथ मे लेकर चलते है। शिक्षक अपने ज्ञान से विद्यार्थी को देश विकास निर्माण के लिये अग्रसर करते है। इंदौर के समुचित विकास में शिक्षकों का महत्वपूर्ण स्थान है। देश निर्माण में शिक्षक नई दिशा प्रदान करते है। इंदौर के शिक्षको का योगदान रहा है, उन्होने अपने विद्यार्थीयों को स्वच्छता का पाठ पढाया, जिसके परिणाम स्वरूप बच्चो में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई।

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शिक्षाविद सत्यनारायण सत्तन गुरू जी ने कहा कि मेरे जीवन काल में मैने अपने विद्यार्थीयों को आगे बढता देखा है। शिक्षक हमेशा पुज्यनीय होता है, उनके ज्ञान के प्रभाव से विद्यार्थी के जीवन के साथ ही देश के विकास में भी अपना योगदान देता है। शिक्षक द्वारा दिया ज्ञान कभी समाप्त नही होता है, गुरू सज्जन व महान व्यक्तित्व का निर्माण करता है।

प्रभारी नंदकिशोर पहाडिया ने बताया कि समारोह में विभिन्न विद्यालय के प्राचार्य, उपप्राचार्य, व्याख्यता, शिक्षाविद, सहायक शिक्षक, शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, प्रधान अध्यापको द्वारा स्कुल में बेहतर रिजल्ट देने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वालो का सम्मान किया।

इस अवसर पर सभापति मुन्नालाल यादव, पूर्व विधायक गोपी कृष्ण नेमा, सुदर्शन गुप्ता, शिक्षाविद श्रीमती शिल्पा ग्रोवर, महापौर परिषद सदस्य, निरंजनसिंह चौहान,अभिषेक शर्मा, कमल वाघेला, पार्षद कंचन गिदवानी, संध्या यादव, सोनाली धारकर, रूपाली पेढारकर, मनोज मिश्रा, राजीव जैन, बालमुकुद जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी व्यास, सहायक संचालक पुजा सक्सेना, सुषमा वैश्य सहित अन्य उपस्थित थे।

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