इंदौर के बायपास की बदहाली, काम नहीं कर रही थी कंपनी, ठेका निरस्त

By Abhishek Raghuvanshi
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआइ) ने सोमवार को हाई कोर्ट में टेंडर निरस्त करने की दी जानकारी, नए टेंडर की प्रक्रिया जारी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआइ) ने सोमवार को हाई कोर्ट में बताया कि इंदौर-देवास बायपास का काम देख रही कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया गया है। नए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। बहुत जल्दी नई कंपनी को ठेका जारी कर दिया जाएगा। कोर्ट ने जवाब रिकार्ड पर लेते हुए केंद्र शासन और बायपास का काम देख रही गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड से मामले में जवाब मांगा है। अब मामले में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में सुनवाई होगी।

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका संस्था मातृ फाउंडेशन ने एडवोकेट अमेय बजाज के माध्यम से दायर की है। इसमें कहा है कि बायपास बीओटी प्रोजेक्ट के तहत हैदराबाद की कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया था। शर्तों के मुताबिक कंपनी को स्ट्रीट लाइटें, लैंड स्केपिंग, पौधारोपण, ट्रक ले बाय, ट्रैफिक एड पोस्ट, पेडेस्ट्रियन सुविधा, सुविधाघर, चिकित्सकीय एड पोस्ट, बस बाय और बस खड़े रहने का स्थान आदि सुविधाएं आम मुसाफिर के लिए उपलब्ध करानी थीं, लेकिन कंपनी इनमें से कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाई। बायपास बदहाल है और उस पर पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।

दोबारा निविदा की प्रक्रिया शुरू
पिछली सुनवाई पर एनएचआइ ने कोर्ट को बताया था कि चूंकि ठेकेदार कंपनी ठीक से काम नहीं कर पा रही है, इसलिए ठेका निरस्त करेंगे। एडवोकेट बजाज ने बताया कि एनएचआइ ने सोमवार को कोर्ट को बताया कि कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया है। दोबारा निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोमवार को कोर्ट ने केंद्र शासन और अब तक बायपास का काम देख रही कंपनी से इस संबंध में जवाब मांगा है।

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