खुड़ैल टीआइ अजय गुर्जर ने बताया कि छात्रों ने इंटरनेट से पिकनिक स्पाट की लोकेशन तलाश की थी। भैरवकुंड पर पहले भी हादसे हो चुके हैं।
शहर के पास भैरवकुंड में डूबने से दो छात्रों की मौत हो गई। पता चला है कि छात्र इंटरनेट लोकेशन से भैरवकुंड का रास्ता ढूंढते हुए वहां तक पहुंचे थे। पुलिस और गोताखोरों ने छात्रों को ढूंढा, लेकिन अंधेरा होने के कारण तलाश रोकनी पड़ी।
उल्लेखनीय है कि जिस कुंड में छात्र डूबे हैं वहां खोह बनी हुई है। वहां पहले भी कईं युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है।
खुड़ैल टीआइ अजय गुर्जर ने घटना के संबंध में बताया कि रविवार दोपहर करीब 3 बजे जय पुत्र गणेश विश्वकर्मा निवासी मांगलिया, राजा पुत्र मनोज चौहान निवासी मांगलिया, कौस्तुभ पुत्र आशीष निवासी लालबहादुर शास्त्री नगर, गौरव पुत्र त्रिपाल बारेठा निवासी चंदननगर और प्रियांश प्रजापत निवासी चंदननगर पिकनिक मनाने गए थे।
उन्होंने बताया कि छात्रों ने इंटरनेट से पिकनिक स्पाट की लोकेशन ढूंढी थी। बताया जाता है कि गौरव नहाते हुए झरने के नीचे जाकर बैठ गया। इसके बाद चट्टान पर फिसलन होने से वह पानी में चला गया और झरने के कारण भंवर में फंस गया।
उसे डूबता देख प्रियांश उसकी मदद करने गया और वह भी गौरव के साथ डूब गया। दोनों को डूबता देख राजा बचाने गया,
लेकिन उसे कौस्तुभ ने खींच लिया।
पुलिस के अनुसार अभी गौरव और प्रियांश का पता नहीं चला है। एसआइ दशरथ मंडलोई ने बताया कि करीब 100 फीट गहरी खाई में कुंड बना है। जिस कुंड में छात्र डूबे वह देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र में आता है। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से छात्रों की सर्चिंग की, लेकिन अंधेरा होने के कारण पुलिस लौट आई।
