इंदौर। देश में देर रात नींद की झपकी लगने से सड़क हादसों में कमी लाने के लिए इंदौर के एसजीएसआईटीएस (SGSITS) के 5 स्टूडेंट्स ने अनोखी डिवाइस (unique device) बनाकर तैयार की है। जिसका नाम एंटी स्लीपिंग फॉर ड्राइवर (anti sleeping for driver) दिया गया है। ड्राइवर (Driver) की जैसे ही आंखें बंद होगी, यह डिवाइस उसे रीड कर पहले अलार्म (Alarm) बजाएगी और अगर नींद नहीं खुली तो गाड़ी रुक जाएगी। जिससे होने वाला एक्सीडेंट नहीं होगा, तेज अलार्म बजने से भी ड्राइवर की नींद खुल जाएगी। इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स ने इसे एक हफ्ते में बनाकर तैयार किया है।
ये स्टूडेंट्स गुना (Guna) और होशंगाबाद (Hoshangabad) के छोटे से गांव के रहने वाले हैं। जिन्होंने बताया 800 से 900 रुपये की लागत से यूनिट बनाकर तैयार की है। इस प्रोजेक्ट को अब और अपडेट करने का काम करेंगे। जिसमें गॉगल की जगह गाड़ी के अंदर ही सेंसर को स्टाल किया जाएगा। जिससे चलाने वाले ड्राइवर को कोई परेशानी ना हो। अभिज्ञान पुरोहित, अनिरुद्ध शर्मा, दर्शन जैन, अभिषेक पाटीदार और अक्षय नायक ने मिलकर पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया है।
छात्रों के मुताबिक होशंगाबाद में एक बस एक्सीडेंट (Accident) का मामला सामने आया था। जिसके बाद यह बात सामने आई कि रात में ड्राइवर की झपकी लगने से एक्सीडेंट हुआ है। तभी फैसला कर लिया था कि एक ऐसी डिवाइस बनाकर तैयार करेंगे। जिससे झपकी लगने पर ड्राइवर इंडिकेशन मिले और वह जाग जाए और अगर ड्राइवर नहीं उठता है तो गाड़ी रुक जाएगी। इस प्रोजेक्ट को बनाकर फिलहाल तैयार किया है। अभी प्रोजेक्ट में और भी कुछ चीजें अपडेट करने का काम स्टूडेंट्स लगातार कर रहे हैं।
