सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पीछे हैं। सीएम हेल्पलाइन के पोर्टल पर इन विभागों की कई शिकायतें लंबे समय से लंबित हैं। इसे लेकर सोमवार को समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर इलैया राजा टी ने नाराजगी जाहिर की। साथ ही सीएमएचओ डा. बीएस सैत्या, सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त संचालक सुचिता तिर्की और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में इंदौर जिले को अव्वल बनाया जाए। इसके लिए सभी अधिकारी इस सप्ताह सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण पर फोकस करते हुए कार्य करें। इंदौर जिला वर्तमान में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में प्रदेश के सर्वोच्च पांच जिलों में शामिल है। गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे तो जिला निश्चित ही पहले स्थान पर रहेगा। बैठक में अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा, अभय बेड़ेकर, सपना लोवंशी, आरएस मंडलोई तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्य पालन अधिकारी वंदना शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
नए सिरे से तैयार करें आपदा प्रबंधन कार्य योजना
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने जिले में आपदा प्रबंधन की कार्य योजना पर भी चर्चा की। अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभाग से संबंधित आपदा प्रबंधन कार्य योजना को नए सिरे से तैयार कर लें। अब हर सप्ताह टीएल बैठक में इस संबंध में चर्चा की जाएगी
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे एमएलसी और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आनलाइन दर्ज करें। संजीवनी केंद्र के भवन निर्माण के कार्य को गति प्रदान की जाए। जहां कार्य शुरू हो गए हैं, वहां गुणवत्ता के साथ निर्माण शीघ्र पूरे हों। जिस केंद्र के भवन का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है, वहां शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए।
