इंदौर पुलिस ने सात वर्षीय प्रतीक मुंडे कि हत्या में बच्चे का पिता शशिपाल मुंडे और तीसरी पत्नी अंजलि को मंगलवार को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
सोमवार को तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के लिम्बोदी में हैवान पिता ने अपने ही सात साल बेटे के साथ पहले जमकर मारपीट की, इसके बाद गला रेतकर हत्या कर दी। स्वजनों का आरोप है कि तीसरी पत्नी के कारण हत्या की है, क्योंकि वह उसे साथ रखना नहीं चाहती थी। इस बात से नाराज होकर वह अपने मायके रहने चली गई थी। बच्चे के गले, हाथ, कमर आदि जगह चोट के निशान नजर आ रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, सात वर्षीय प्रतीक पुत्र शशिपाल मुंडे निवासी शंकर मोहल्ला का शव कमरे में मिला, जिसका पोस्टमार्टम करवाया गया है। बच्चे के मामा ने बताया कि प्रतीक की मां अंजू की करीब पांच साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद पिता शशिपाल ने करीब डेढ़ साल फिर शादी की थी। शादी के बाद से ही सौतेली मां पायल प्रतीक को परेशान कर रही थी। वह उसे साथ रखना नहीं चाहती थी।
मामला ने बताया कि सौतेली मां कई बार प्रतीक के साथ मारपीट भी कर चुकी है। वह इन लोगों के साथ नहीं रहना चाहता था। वह हमारे साथ रहना चाहता था, लेकिन उसे भेज नहीं रहे थे। तीन माह पहले ही पायल ने बच्चे को जन्म दिया है। इसके पहले भी एक बार उसके साथ झाड़ू से मारपीट की थी। पुलिस ने बताया कि बच्चे की हत्या के बाद आरोपित शशिपाल पुत्र रामप्रसाद मुंडे बाइक लेकर फरार हो गया था। वह ड्राइवर है। शशिपाल ने इस मारपीट के वीडियो भी बनाया था।
