राहगीरों की सुविधा के लिए शहर में 138 किमी फुटपाथ बनाया गया है, लेकिन लगभग 90 प्रतिशत फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा है। कहीं खानपान की दुकान संचालित हो रही है तो कहीं पक्षी बेचे जा रहे हैं। कहीं कपड़ों की नुमाइश की जा रही है तो कहीं पार्किंग। ऐसा नहीं कि जिम्मेदारों की इसकी जानकारी नहीं, लेकिन वे आंखें मूंदे बैठे हैं। जिस नगर निगम पर फुटपाथ को अतिक्रमणमुक्त कराने की जिम्मेदारी है, उसके मुख्यालय से चंद कदम दूर स्थित बाजारों के फुटपाथ पर भी दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है, लेकिन वहां से रोज गुजरने वाले अधिकारियों और कर्मचारी इससे बेपरवाह हैं, इसे ही कहते हैं दिया तले अंधेरा होना।
नगर निगम मुख्यालय के समीपस्थ बाजारों में फुटपाथ बनाए गए हैं, लेकिन पैदल चलने वालों को इसका लाभ नहीं मिलता। लगता है निगम ने ही दुकानदारों को फुटपाथ पर अतिक्रमण की खुली छूट दे रखी है। निगम के अधिकारी-कर्मचारी दिन में कई बार इन बाजारों से गुजरते हैं। निगम के अतिक्रमणरोधी वाहन भी इन बाजारों में पहुंचते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। नईदुनिया की टीम ने मंगलवार को इन बाजारों का जायजा लिया तो भयावह हालात सामने आए।
चिकमंगलूर चौराहा स्थित फुटपाथ पर कहीं कढ़ी-फाफड़ा बन रहे थे तो कहीं टेबल-कुर्सी लगाकर ग्राहकों के बैठने का इंतजाम था। निगम मुख्यालय से सटकर बने मार्केट में फुटपाथ का इस्तेमाल दुकानों का सामान और गाड़ी पार्किंग के लिए होता है। लगभग यही स्थिति शिवाजी मार्केट के फुटपाथ की है।
एक घंटा खड़ा रहा अतिक्रमणरोधी वाहन, लेकिन कार्रवाई नहीं की
कृष्णपुरा पुल के पास फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा है। जितनी बड़ी दुकान है, उससे कहीं ज्यादा कब्जा दुकानदार ने सड़क पर कर रखा है। मंगलवार दोपहर कृष्णपुरा पुल के पास अतिक्रमणरोधी वाहन एमपी 09 सीएन 9715 खड़ा था। उम्मीद थी कि निगम की टीम कार्रवाई करेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। निगम की टीम तो वाहन से बाहर तक नहीं निकली। गाड़ी में बैठे-बैठे ही कर्मचारी चाय-पानी का आनंद लेते रहे। करीब एक घंटे तक वाहन यहां खड़ा रहा, लेकिन दुकानदारों के चेहरे पर कार्रवाई का कोई खौफ नजर नहीं आया।
नीति स्पष्ट नहीं
मुख्यालय के आसपास फुटपाथ पर अतिक्रमण है। ज्यादातर दुकानदारों ने कब्जे कर लिए हैं। इस संबंध में नीति स्पष्ट नहीं है। हम अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाएंगे।
शांतिलाल यादव, जोनल अधिकारी जोन 3
समय-समय पर कार्रवाई
हम समय-समय पर अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हैं। भविष्य में अतिरिक्त सतर्कता बरतेंगे।
-अश्विनी जनवदे, प्रभारी, रिमूवल विभाग, नगर निगम इंदौर
कम हुई है सक्रियता
यह बात सामने आई है कि रिमूवल को लेकर सक्रियता में कुछ कमी आई है। फुटपाथ सिर्फ राहगीरों के चलने के लिए है। फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं होने देंगे। मामले को दिखवाएंगे। जहां भी जरूरत होगी, कार्रवाई की जाएगी।
-हर्षिका सिंह, निगमायुक्त, इंदौर
