बाल कल्याण समिति ने दिव्यांग नाबालिग को अपनी देखरेख में लिया, संदेहियों का डीएनए टेस्ट कराएगी विजय नगर पुलिस।
अनुभूति संस्था में रहने वाली दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म की कहानी संस्था, हास्पिटल और घर के बीच अटकी है, क्योंकि किशोरी की सोनोग्राफी रिपोर्ट में 20 सप्ताह चार दिन के गर्भ की पुष्टि हुई है। इस दौरान किशोरी तीनों स्थानों पर रही थी। पुलिस जांच में जुटी है। इधर, बाल कल्याण समिति ने किशोरी को अपनी देखभाल में लिया है।
स्कीम नंबर 54 में संचालित अनुभूति विजन सेवा संस्थान में रहने वाली नाबालिग मंदबुद्धि किशोरी के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद विजय नगर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। बाल कल्याण समिति ने अपनी सुपुर्दगी में लेते हुए किशोरी का मेडिकल कराकर चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट युगपुरुष धाम में रखा है। पीड़िता सीवियर मेंटली रिटार्डेड है और अपने साथ हुए दुष्कर्म की कहानी भी नहीं बता पा रही है। उससे बात करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। बाल कल्याण समिति द्वारा संस्थान का दौरा करने के बाद पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर शनिवार को शासन को भेजी गई है।
समिति करेगी देखभाल
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की पल्लवी पोरवाल का कहना है कि किशोरी को बाल कल्याण समिति ने अपनी निगरानी में रखा है। उसका मेडिकल कराया गया है। इसमें गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। किशोरी की संपूर्ण देखभाल का जिम्मा समिति देखेगी।
संदेहियों का डीएनए टेस्ट करवाएगी पुलिस
दिव्यांग से हुए दुष्कर्म के मामले में विजय नगर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि घटना कहां घटित हुई है। टीआइ रवींद्र गुर्जर के मुताबिक, 17 वर्षीय नाबालिग कथन देने की स्थिति में नहीं है। मानसिक रूप से कमजोर किशोरी का मेडिकल चेकअप और सोनोग्राफी करवा ली है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आखिर घटना आश्रम में हुई है या आश्रम के बाहर। संचालिका का दावा है कि किशोरी की मां उसे दो बार घर ले गई थी, जबकि स्वजन का दावा है कि घटना आश्रम के भीतर की है। पुलिस अब कुछ संदेहियों के डीएनए टेस्ट करवाने की तैयारी में है।
