शिक्षित लोग हो रहे ठगी का शिकार, साइबर अपराधियों के ये 10 तरीके कर रहे जेब खाली

By Abhishek Raghuvanshi
5 Min Read
  • सावधान साइबर अपराधियों के कई तरीकों से आपकी जेब खाली कर सकते हैं खाली। अपराधी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करवाने का झांसा देकर ठग लेते हैं।
  • डेढ़ सौ के लालच में सात करोड़ गंवाए, इंजीनियर और बीटेक, एमटेक बने शिकार
  • अपराधी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करवाने का झांसा देकर ठग लेते हैं
  • जानें साइबर अपराधियों के 10 तरीके जो कर रहे जेब खाली

इंदौर। साइबर ठगी के मकड़जाल में पढ़े-लिखे भी फंस रहे हैं। आनलाइन काम करके प्रतिदिन डेढ़ सौ से दो सौ रुपये कमाने के लालच में एमटेक, बीटेक और इंजीनियर सात करोड़ रुपये गंवा चुके हैं। यह खुलासा साइबर सेल की जांच में हुआ है। ठगी की शुरुआत इंस्टाग्राम पर हुई़, जो बाद में टेलीग्राम पर आकर रुकी। ज्यादातर मामलों में विदेशी नंबरों का इस्तेमाल हुआ है।

लालच देकर फंसाते हैं जाल में
एसपी (साइबर) जितेंद्र सिंह के मुताबिक, इंदौर में साइबर पुलिस को जनवरी से 20 नवंबर तक करीब 100 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। साइबर अपराधी पार्ट टाइम जाब के बदले पैसे कमाने का लालच देते है। आमतौर पर चैटिंग करने वाली आइडी पर आकर्षक युवतियों के फोटो लगे होते हैं, जो खुद को किसी कंपनी की सीईओ या फाइनेंस एक्सपर्ट बताती हैं। शुरुआत में वीडियो पर लाइक करवाने काम काम बताकर प्रतिदिन डेढ़ सौ से दो सौ रुपये कमाने का का प्रलोभन दिया जाता है। टास्क पूरा करने पर यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने को कहा जाता है। इस काम के बदले एक-दो बार तो डेढ़ सौ-दो सौ रुपये मिल जाते हैं।

निवेश करने का झांसा
फिर और आगे बढ़ते हुए ठग कुछ दिन बाद ही कंपनी में निवेश करने का झांसा देते हैं। इसके लिए ठग गिरोह से जुड़े सदस्य ही ग्रुप में स्क्रीन शाट साझा कर बताने की कोशिश करते हैं कि उन्होंने लाखों रुपये कमा लिए हैं। जो कोई भी निवेश करके कम से कम एक हजार रुपये रोज कमाने की ठगों की स्कीम पर विश्वास कर लेता है। उसके बैंक खाते से साइबर अपराधी जानकारी लेकर पूरा रुपया निकाल लेते हैं। एसपी के मुताबिक, हाल ही में हुई जांच के दौरान पता चला कि ठगी का शिकार होने वालों में 50 प्रतिशत तो पढ़े-लिखे लोग हैं। अकेले साइबर सेल ही चार करोड़ रुपये वापस करवा चुकी है।

सावधान : साइबर अपराधियों के 10 तरीके कर रहे जेब खाली
ठग परिचित बनकर काल करते हैं। मुसीबत में होने की बात बोलकर ई-वालेट के माध्यम से रुपये जमा करवा लेते हैं।
टेलीग्राम चैनल पर ट्रेडिंग का प्रलोभन देकर जाल में फंसाते हैं। अपराधी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करवाने का झांसा देकर ठग लेते हैं।

- Advertisement -

ठग काल करके बताता है कि खाता नंबर गलत होने से रुपये आ गए हैं। शक न हो, इसलिए मैसेज भी दिखाता है। बातों में उलझाकर रुपये जमा करवा लेता है।

गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर बात करते हैं। ओटीपी लेकर रुपये निकाल लेते हैं।
बिजली कनेक्शन काटने का मैसेज भेज देते हैं। लोग उस नंबर पर काल कर रुपये जमा करवा देते हैं।
क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पाइंट, सालाना चार्ज, लिमिट बढ़ाने और पिन जनरेट करने का झांसा देकर रुपये निकाल लेते हैं।
आर्मी अधिकारी बनकर ठगी के मामले भी सामने आए हैं। कई मामलों में ठगों ने कुछ डाक्टरों को स्टाफ का उपचार करवाने की बात बोलकर भी ठगा है।

अश्लील फिल्म देखते हुए वीडियो बनाकर ठगा जाता है। बदनामी के डर से कई लोग आत्महत्या भी कर चुके हैं।
बीएसएफ अधिकारी बनकर ठगी होने लगी है। डिफेंस अकाउंट का बोलकर क्यूआर कोड स्कैन करवा लेते हैं।
केंद्र और राज्य की योजनाओं का झांसा देकर ठगी होने लगी है।

10 महीने में तीन हजार शिकायतें साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इस साल अपराध शाखा के पास तीन हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। पुलिस चार करोड़ से अधिक की राशि लोगों को वापस करवा चुकी है। बुधवार को ही पुलिस ने 10 आवेदकों को 8 लाख 74 हजार रुपये वापस करवाए हैं।
निमिष अग्रवाल, डीसीपी (अपराध), इंदौर, मप्र

Exit mobile version