इंदौर कलेक्टर इलैयाराजा टी ने इंदौर शहर की पहचान कहे जाने वाले मालवा मिल और कल्याण मिल की जमीनों की लीज़ निरस्त कर दी और जमीन शासन के नाम पर दर्ज करने का आदेश भी पारित कर दिया है।
दरअसल इंदौर शहर के मध्य में संचालित होने वाली बरसों पुरानि मालवा मिल और कल्याण मिल की जमीनें जो कुल 92 एकड़ से भी ज्यादा बताई जा रही है जिनकी लीज़ कलेक्टर इलैयाराजा टी ने निरस्त कर दी और शासन के नाम दर्ज करने का आदेश भी पारित कर दिया। गौरतलब है कि इन दोनों ही मिलों की जमीन एनटीसी यानि नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन के कब्जे में है और इन्हें बेचने के लिहाज से प्रदेश शासन ने पहली बार साल 2003 और फिर साल 2007 में निर्देश जारी किए थे लेकिन किन्ही कारणों से जमीनों का सौदा नहीं हो सका। इसमें से स्वदेशी मिल की 15.32 एकड़ जमीन का ही सौदा हो पाया था जिसके बाद से ही शासन इन जमीनों का सौदा करना चाहती थी लेकिन अपर कलेक्टर कोर्ट में संचालित मामले में मामला अटका रहा आखिरकार सरकार की और से 2022 में एनटीसी से जमीन वापस लेकर शासन के खाते में दर्ज करने का आदेश जारी किया गया था जिस पर कलेक्टर इलैयाराजा टी ने मोहर लगाते हुए जमीन की लीज़ निरस्त कर दी और राजस्व विभाग को जमीन शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इस बारे मैं जानकारी देते हुए इंदौर कलेक्टर इलैयाराजा टीम ने कहा कि यह मामला वर्षों से चला रहा था करीब 6 माह पूर्व अपर कलेक्टर कोर्ट के आदेश पर यह मालवा मिल और कल्याण मिल की 92 एकड़ जमीन की लीज निरस्त करने का फैसला सुनाया गया है और करीब 92 एकड़ जमीन शासन के खाते में दर्ज करने के आदेश पारित किए गए हैं।
