तिलक नगर थाने में सीमा शर्मा और उसके भाई सुनील शर्मा ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी पुलिस में धारा 380 आईपीसी का केस दर्ज किया था रिपोर्ट में सुनील की पत्नी रचना शर्मा और उसके छोटे भाई लोकेश दोनों निवासी महावीर बाग को संदेही बताया था थानेदार और उस वक्त के तत्कालीन टीआई सुरेंद्र सिंह पूरे मामले की जांच कर रहे थे पूछताछ के लिए उन्होंने रचना और उसके छोटे भाई यश उर्फ लोकेश को थाने में बुलाया था आरोप थे कि फरियादी सीमा शर्मा के सामने ही सिपाही कुलदीप यादव और सिपाही अर्पिता भदोरिया ने रचना और उसके छोटे भाई यश उर्फ लोकेश के साथ थाने में पिटाई की थी अर्पिता पर रचना को पीटने का आरोप था और कुलदीप पर यश उर्फ लोकेश की पिटाई का आरोप था
पूरे मामले में रचना और यश के द्वारा पुलिसकर्मियों की शिकायतों के बाद पुलिस ने पहले तो दोनो सिपाही पर धारा 294 323 330 और 34 आईपीसी का प्रकरण दर्ज किया । बाद में मेडिकल जांच में फ्रैक्चर निकला तो धारा 331 भी बढ़ा दी थी इसके बाद पिछले दिनों सिपाही कुलदीप और अर्पिता को नोटिस देकर थाने पर बुलाया गया था थाने पहुंचने पर सिपाही अर्पिता और कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया वहां से मजिस्ट्रेट ने दोनों को जेल भेज दिया था इसके बाद अर्पिता भदोरिया की और से एडवोकेट योगेश गुप्ता और अभिषेक रघुवंशी ने हाई कोर्ट में जमानत आवेदन लगाया था जिस पर न्यायमूर्ति अनिल वर्मा के यहाँ सुनवाई हुई । सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं के तर्कों से सहमत होकर अर्पिता भदोरिया की जमानत अर्जी मंजूर कर ली
